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November 7, 2022
अजमेर सिद्धचक्र महामंडल विधान के सातवे दिवस मे इंद्र इंद्राणी द्वारा भक्ति भाव से अब तक 1966 अर्ध चढ़ाई गये। श्री पल्लीवाल दिगंबर जैन मंदिर कैसरगंज के तत्वाधान में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायोग के पावन अवसर पर परम पूज्य मुनि श्री संबुद्ध सागर जी महाराज और मुनि श्री संविज्ञ सागर जी महाराज के सानिध्य में पूजा विधान हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है।
सिद्ध चक्र विधान के सोधर्म इंद्र श्री नाथूलाल जैन ने बताया कि विधान में कुल 2024 अर्ध चढ़ाए जाने हैं जिसमें से 1966 चढ़ाए जा चुके हैं। सौधर्म इन्द्र,चक्रवर्ती, यज्ञ नायक, कुबेर , ईशान, सनत, महेन्द्र, आदि अनेक इंद्र द्वारा मंडप पर अर्ध समर्पित किए गए । पंडित धन्य कुमार के सानिध्य में विधान किया जा रहा है । इस विधान में जैसवाल, पल्लीवाल सभी जैन बंधु तन मन से सहयोग प्रदान कर रहे हैं। मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कहा की जिनका जिनका पुण्य प्रबल होता है वही लोग धार्मिक क्रियाओं मैं भाग ले सकते हैं। सिद्धचक्र महामंडल प्रमुख विधान है इस विधान में देवता लोग भी अष्टानिका पर्व में इस विधान को करते हैं इस विधान के करने से समस्त आधी व्याधि दूर हो जाती हैं मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख शांति प्रेम भाव की बना रहता है।
सकल दिगंबर जैस्वाल जैन समाज केसरगंज अजमेर के अध्यक्ष श्री सुनील जी ढीलवरी के सानिध्य में पूरी कमेटी ने द्वौ मुनि श्री को अजमेर केसरगंज में शीतकालीन प्रवास हेतु श्रीफल भेंट किया और मुनि श्री के चरणों में निवेदन किया कि मुनि श्री शीतकालीन के अवसर पर सभी धर्म प्रेमी बंधुओं को अपना धर्म लाभ प्रदान करने की अनुमति प्रदान करें।
केलेंद्र कुमार पुनविया ने बताया कि धवजारोहन कर्ता श्री प्रमोद चंद सोनी ने विधान की रथ यात्रा में कुचामनी रथ में भगवान का रथ यात्रा हाथी देने की अनुमति दी। आज विधान में प्रमोद सोनी, प्रकाश पाटनी, कमल गंगवाल, ललित पांडिया, राकेश मामा, सुनील ढीलवारी, धर्मेश जैन, सुशील, सुनील, प्रदीप पाटनी विनीत जैन ने भाग लिया। संध्या को महा आरती ढिलवारी परिवार की ओर से लाई गई। दिनेश दंगसिया और कैलेंद्र पुनवियां संगीत मय भक्ति से श्रीजी की आरती कराई।
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