Post Views 11
November 7, 2022
उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर स्थित सबसे पुराने और बड़े रेलवे अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हुआ हंगामा
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों सहित स्टॉफ़ पर लगाए लापरवाही के आरोप, मौके पर रामगंज थाना पुलिस और आरपीएफ पुलिस का जाब्ता हुआ तैनात
सोमवार को उत्तर पश्चिम रेलवे के सबसे बड़े और पुराने ब्यावर रोड़ स्थित रेलवे अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया।
जॉन्स गंज के रहने वाले रेलवे के रिटायर्ड सीनियर टेक्नीशियन प्यारे लाल सांखला को 4 नवंबर को दिन में पेट में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक प्यारेलाल सांखला के बेटे यशवंत सांखला ने आरोप लगाया कि पहले दिन से ही मरीज को भर्ती करने के बाद उन्हें सही उपचार प्रदान नहीं किया गया ना ही डॉक्टरों ने उपचार की कोई जानकारी दी जबकि डॉक्टर के बंगले पर जाकर वह अलग से फीस भी देकर आए थे। बावजूद इसके उनके पिता की आज डॉक्टरों की लापरवाही से मौत हो गई।
उसका आरोप था कि वर्ष 2020 में कोरोना के समय उनकी माताजी को अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे तब उनकी भी मृत्यु हो गई थी।
रामगंज पुलिस चौकी के एएसआई मनीराम ने बताया कि हॉस्पिटल प्रशासन की सूचना पर वे अस्पताल पहुंचे हैं। जहां चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ के साथ ही मृतक के परिजनों के बीच विवाद हुआ है ,जिसकी जांच की जा रही है। जिस तरह की भी रिपोर्ट मिलेगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मृतक का पोस्टमार्टम कैसे कराना है और कहां कराना है इस पर चर्चा हो रही है। हंगामे के बाद अस्पताल के चिकित्सकों व स्टाफ ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। जिसकी वजह से अस्पताल की ओपीडी में आए वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। फ़िलहाल वार्ता का दौर जारी है जो भी नतीजा निकलेगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों सहित स्टॉफ़ पर लगाए लापरवाही के आरोप, मौके पर रामगंज थाना पुलिस और आरपीएफ पुलिस का जाब्ता हुआ तैनात
सोमवार को उत्तर पश्चिम रेलवे के सबसे बड़े और पुराने ब्यावर रोड़ स्थित रेलवे अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया।
जॉन्स गंज के रहने वाले रेलवे के रिटायर्ड सीनियर टेक्नीशियन प्यारे लाल सांखला को 4 नवंबर को दिन में पेट में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक प्यारेलाल सांखला के बेटे यशवंत सांखला ने आरोप लगाया कि पहले दिन से ही मरीज को भर्ती करने के बाद उन्हें सही उपचार प्रदान नहीं किया गया ना ही डॉक्टरों ने उपचार की कोई जानकारी दी जबकि डॉक्टर के बंगले पर जाकर वह अलग से फीस भी देकर आए थे। बावजूद इसके उनके पिता की आज डॉक्टरों की लापरवाही से मौत हो गई।
उसका आरोप था कि वर्ष 2020 में कोरोना के समय उनकी माताजी को अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे तब उनकी भी मृत्यु हो गई थी।
रामगंज पुलिस चौकी के एएसआई मनीराम ने बताया कि हॉस्पिटल प्रशासन की सूचना पर वे अस्पताल पहुंचे हैं। जहां चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ के साथ ही मृतक के परिजनों के बीच विवाद हुआ है ,जिसकी जांच की जा रही है। जिस तरह की भी रिपोर्ट मिलेगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मृतक का पोस्टमार्टम कैसे कराना है और कहां कराना है इस पर चर्चा हो रही है। हंगामे के बाद अस्पताल के चिकित्सकों व स्टाफ ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। जिसकी वजह से अस्पताल की ओपीडी में आए वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। फ़िलहाल वार्ता का दौर जारी है जो भी नतीजा निकलेगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved