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November 6, 2022
अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर मेला में पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित पुष्कर मेले की सांस्कृतिक संध्या में शनिवार को पहली बार पद्मश्री कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो सपेरा अपनी तीन पीढिय़ों के साथ रंगारंग प्रस्तुतियां देने पहुंचीं। जैसे ही गुलाबो, अपनी बेटी राखी, पूनम, हेमलता और रूपा के साथ छह वर्षीय पोती तिया और दस वर्षीय माही के साथ खचाखच भरे मेला स्टेडियम के रंगमंच पर प्रस्तुति देने पहुंची, आयोजन स्थल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। गुलाबो ने कालबेलिया, घूमर, बंजारा से लेकर भवई नृत्य पर एक से बढक़र एक प्रस्तुतियां दी।
16 किलों की आकर्षक पोशाक, सोने और चीड़ के गहनें
पुष्कर मेले के लिए गुलाबो के साथ जयपुर से 20 से अधिक महिला व पुरूष लोक कलाकारों का ग्रुप खास तौर से पहुंचा था। इनमें 10 से ज्यादा नृत्यांगनाएं शामिल थीं, शो के दौरान इनमें से कई ने अकेले में प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। इस ग्रुप ने कालबेलिया के अलावा मंच पर घूमर, चरी, बंजारा, भवई, मयूर और घूमर नृत्य पेश किया।
वहीं गुलाबो ने काल्यो कूद पड्यो मेला में.राजस्थानी गीत पर उमदा पेशकश देकर उपस्थित देशी-विदेशी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुलाबो ने इस कार्यक्रम के लिए सोलह किलों की पोषाक तैयार करवाई है। इसके साथ सोने और चीड़ से बने गहनें पहनकर प्रस्तुतियां दी। गुलाबों ने अपने उद्बोधन में कहा कि उसने सबसे पहले 1981 में पुष्कर के इसी मैदान से पहला कार्यक्रम प्रस्तुत किया और अब तक 165 देशों में अपनी प्रस्तुति दे चुकी है। आज वह अपनी 6 साल की पोती समेत तीन पीढि़ के साथ पहली बार पुष्कर पहुंची है। गुलाबों ने कहा कि यह मंच नहीं बल्कि मेरे लिए मंदिर है तथा कलाकार कभी बूढ़ा नहीं होता है। इससे पूर्व पुष्कर की ओडि़सी नृत्यांगना अक्षिता भट्ट ने भी शानदार ओडि़सी नृत्य की प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक संध्या का अमेरिकी दूतावास की अधिकारी पेट्रीसिया लैसाना, जिला कलेक्टर अंशदीप समेत अनेक अधिकारियों ने लुत्फ उठाया
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