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November 4, 2022
करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र पुष्कर सरोवर में शुक्रवार को देव प्रबोधनी एकादशी के मौके पर हजारो श्रदालुओ ने पंचतीर्थ का पहला स्नान कर धर्मलाभ कमाया। श्रदालुओ ने पवित्र सरोवर की पूजा अर्चना कर जगतपिता ब्रह्मा मंदिर सहित दूसरे मंदिरों के दर्शन किये ।पुष्कर के घाटों, मंदिरों और बाजारों में भीड़ देखने को मिली । एकादशी स्नान के साथ पुष्कर का पांच दिवसीय सालाना सालाना लख्खी धार्मिक मेला आरंभ हो गया। जिसका समापन 8 नवंबर को सरोवर में कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले महास्नान के साथ होगा। धार्मिक मेले की जिला एवं नगर पालिका प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है तथा पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोवस्त किए है।
धार्मिक मान्यतानुसार कार्तिक शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक जगत पिता ब्रह्माजी ने पुष्कर सरोवर में सृष्टि यज्ञ किया था। इन पांच दिनों में स्वयं पुष्कर राज सहित सभी तैंतीस करोड़ देवी-देवता अंतरिक्ष की जगह पुष्कर सरोवर में विद्यमान रहते है। शास्त्रों में कहा गया है कि इन पांच दिनों के दौरान ब्रह्म सरोवर में स्नान करने मात्र से मनुष्य को न केवल पापों से छुटकारा मिलता है, बल्कि अक्षय फल की प्राप्ति होती है। पांच दिनों तक चलने वाले स्नान को पंच भीष्म स्नान भी कहते है।
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