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November 4, 2022
कार्तिक एकादशी के अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी मेला विकास समिति और देवस्थान विभाग की और से आध्यात्मिक यात्रा निकाली गयी ।तीर्थ नगरी पुष्कर में आज गुरुद्वारा बस स्टैंड से यात्रा का शुभारंभ हुआ ।उपखंड अधिकारी सुखराम पिंडेल, पालिका अध्यक्ष कमल पाठक ने यात्रा को हरी झड़ी दिखाकर रवाना किया ।पंडित कैलाशनाथ दाधीच के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर यात्रा को रवाना किया गया ।बेंड बाजो के साथ बागियों पर झांकियों के साथ साधु संतों की मौजूदगी में यात्रा रवाना हई । देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी ने बताया कि यात्रा गायत्री शक्ति पीठ से ब्रह्मा मंदिर होते हुए मेला मैदान पर समापन हुई ।यात्रा मे धार्मिक गुरुओं,साधु संतों, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया ।विभिन्न संस्थाओं और शिक्षण संस्थानो की तरफ से एक से बढ़कर एक झांकियों सजाई गई ।यात्रा में ईसाई धर्म से फादर कोसमोस शेखावत, जैन धर्म से प्रकाश जैन,सिख धर्म से कश्मीर सिंह,ज्ञानी कालू सिंह सहित सर्व धर्म मैत्री संघ के अनेक प्रतिनिधि शामिल हुए ।यात्रा के समापन पर साधु संतों का सम्मान और उद्बोधन हुआ ।साथ ही भाग लेने वाली संस्थाओं का भी सम्मान हुआ ।यात्रा का जगह जगह पुष्पवर्षा और स्वागत द्वार बनाकर स्वागत किया गया ।सामाजिक कार्यकर्ता अरुण पाराशर ने बताया कि आद्यात्मिक पदयात्रा में धर्मप्रेमियों, श्रदालुओ, और विभिन्न धार्मिक सामाजिक संगठनों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया ।
इस साल भी यात्रा का मार्ग बाहर बाहर रखने से आक्रोशित साधु संतों और आमजनों ने यात्रा से दूरी बना ली जिसके चलते यात्रा फीकी फीकी नजर आयी ।सेनाचार्य अचलानंद जी कहा कि इस बार तो प्रशासन के निवेदन पर वे यात्रा में शामिल हो गए लेकिन अगली साल यात्रा का मार्ग बाजार से ही होना चाहिये ।नृसिंह मंदिर के महंत श्यामशरणचार्य ने कहा कि प्रशासन को यात्रा के मार्ग में सफाई व्यवस्था माकूल रखनी चाहिये ।नाराज संतो का कहना है कि पहले यात्रा पुष्कर के मुख्य बाजार से निकलती थी ।जिससे बाजार में व्यापारिक संगठनों को पुष्प वर्षा कर स्वागत द्वार बनाने का अवसर मिलता था लेकिन अब यात्रा बाहर बाहर निकालने से यह अवसर नही मिल पाता और थकान भी होती है ।उपखंड अधिकारी सुखराम पिंडेल ने यात्रा में शामिल होने वाले सभी लोगो का आभार व्यक्त किया ।पिंडेल ने माना कि यात्रा के मार्ग से साधु संतों और आमजन की भागीदारी अपेक्षाकृत रूप से कम थी।अगले साल इस समस्या के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से सलाह लेकर कोई उपाय किया जाएगा ।
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