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October 28, 2022
शहर को स्वच्छ बनाने में सभी की हो भुमिका – कलक्टर
कचरे का संग्रहण एवं निस्तारण से सभी को अवगत करना आवश्यक-सुशील कुमार
कुशल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य कूड़े-करकट से अधिकतम मात्रा में उपयोगी संसाधन प्राप्त करना और न्यूनतम खर्चे में निस्तारण करना है। ताकि कम से कम मात्रा में अपशिष्ट पदार्थों को लैंडफिल क्षेत्र में फेंकना पड़े। इसका कारण यह है कि लैंडफिल में फेंके जाने वाले कूड़े से वातावरण एवं जमीन को भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। एक तो इसके लिए काफी जमीन की आवश्यकता होती है। जो लगातार कम होती जा रही है और दूसरे कूड़ा वायु, मिट्टी और जल प्रदूषण का संभावित कारण भी है।अपशिष्ट पदार्थ को पैदा करने वालों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे कूड़े की छंटाई करें, जो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की मूल आवश्यकता है। शुक्रवार को जिला कलक्टर एवं अजमेर स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अंश दीप की अध्यक्षता में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर स्वच्छ अजमेर मिशन-2024 पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्वच्छ अजमेर मिशन-2024 पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया गया कि आगामी 8 से 11 नवंबर 2022 तक जवाहर रंगमंच पर सोलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट पर सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। चार दिनों तक आयोजित होने वाली सेमीनार में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। जिला कलक्टर एवं अजमेर स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अंश दीप ने कहा कचरे के कई सोर्स हो सकते हैं, हमें इनके समाधान के प्रयास करने होंगे। जिला प्रशासन एवं नगर निगम अकेले इस काम को नहीं कर सकते हैं। कचरे का पहाड़ ना बने इसके लिए सभी को मिलकर सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। शहर को स्वच्छ बनाने में सभी की भूमिका भी होनी चाहिए। नगर निगम आयुक्त एवं अजमेर स्मार्ट सिटी के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुशील कुमार ने कहा कि कचरे का संग्रहण एवं प्रबंधन जनता की भागीदारी के पश्चात कोई मुश्किल काम नहीं है। देश में कई मॉडल इस पर काम कर रहे हैं। लोग अपने घरों से ही कचरे को ( सूखा-गीला ) अलग-अलग कर सकते हैं। लेकिन समस्या वहां पर आती है जब सूखा और गीला कचरा एक हो जाता है। जिसे अलग करना काफी मुश्किल काम है। विदेशों में लोग जब अपने ऑफिस या काम पर जाते हैं तो वे अपने घर का कचरे को सेग्रीकेट कर बैग लेकर जाते हैं और ट्रेंचिंग ग्राउंड के बाहर डस्टबीन में डाल देते हैं। जबकि यहां पर नगर निगम का ऑटो ट्रिपर अपने बाद भी कई लोग अपने घरों का कचरा उसमें नहीं डाल पाते हैं और आस पास या खाली स्थानों पर फैंक देते हैं। यदि सभी लोग इसमें सहयोग करें तो कचरा संग्रहण एवं निस्तारण का कार्य आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ठोस कचरा अपशिष्ट जैसे सब्जियों का कचरा, रसोई का कचरा, घरेलू कचरा आदि घरों से ही अलग किया जा सकता है। ई-वेस्ट जैसे परियुक्त कंप्यूटर, टीवी, सिस्टम जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अपशिष्ट जिन्हें हम अलग अलग कर सकते हैं। तरल अपशिष्ट जैसे विभिन्न उद्योगों, चर्मशोधन कारखानों, भटि्टयों, ताप विद्युत संयुत्रों आदि में प्रयोग किया जल वातावरण को दूषित करता है। शहर को स्वच्छ एवं साफ बनाने के उद्देश्य से सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। इस अवसर पर बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव भी दिए।
जवाहर रंगमंच पर आयोजित होगी सेमीनार
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