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October 28, 2022
तीर्थराज पुष्कर जी क्षेत्र की चौरासी कोस परिक्रमा पवित्र यात्रा की द्वितीय विशाल वाहन यात्रा कार्तिक सुदी- छठ, विक्रम संवत -2079, युगाब्द- 5124 दिनांक 30 अक्टूबर 2022 रविवार को आयोजित की जा रही है। इस यात्रा का महत्व बताते हुए अजयमेरु चौरासी कोस परिक्रमा पुष्कर राज परियोजना के प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि चौरासी कोस परिक्रमा का वैदिक सनातन संस्कृति में अत्यंत विशेष धार्मिक महत्व है शास्त्रों में कहा गया है कि इस परिक्रमा करने वालों को अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है। यह यात्रा हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की नगरी अजयमेरु की पावन तपोस्थली से 84 कोस परिक्रमा यात्रा निम्न स्थानों से आरंभ होगी। श्री पर्वतेश्वर महादेव मंदिर परबतपुरा, अजमेर, ऊबडा का देवरा श्री देवनारायण मंदिर सुभाष नगर चुंगी चौकी अजमेर, श्री अंबे माता मंदिर बजरंगगढ़ चौराहा अजमेर, भवानी शंकर मंदिर माखुपुरा अजमेर,पालरा , बड़लिया, बड़गाव,खानपुरा, खाजपुरा, सेदरिया, मदारपुरा,दौराई,बालुपुरा तबीजी,मायापुर,जेठाना,मकरेडा,दातडा,दांता बीर,गुदली,कानाखेडी,श्रीनगर नसीराबाद
तेजाजी की पवित्र स्थली सुरसुरा किशनगढ़, भीम, टॉडगढ़, आशापुरा माता मंदिर ब्यावर, मसूदा,खरवा क्षेत्र , सरवाड़,केकड़ी,पाली, मेड़ता, जयपुर , नांद , पीसांगन पीपलाज से प्रारंभ होकर अपने निश्चित समय पर विशाल स्वरूप प्रदान करते हुए बताये गए समय अनुसार निश्चित समय पर पहुंचेगी तीर्थराज पुष्कर जी में पहुंचेगी। और यह यात्रा धर्म सभा में परिवर्तन होगी। सभी यात्री अपने वाहनों को सुनिश्चित स्थानों पर कतारबद्ध तरीके से पार्किंग कर ब्रह्म घाट पुष्कर जी पहुंचेंगे। और पवित्र पुष्कर जी सरोवर का पूजन करेंगे एवं सभी धार्मिक यात्री के द्वारा 52 घाटों पर ध्वजारोहण करके मुख्य ध्वजा का विश्व विख्यात ब्रह्मा जी मंदिर परिसर में ध्वजारोहण किया जाएगा। आप सभी से मेरा विनम्र निवेदन है कि इस यात्रा में पधार कर इस कार्तिक पवित्र मास में पुण्य का लाभ कमाएं और सभी यात्री को बताए गए सुरक्षा के नियमों की पालना करते हुए अनुशासन में रहकर यात्रा को सफल बनाएं ।। जय पुष्कर राज की ।।
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