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October 25, 2022
धार्मिक नगरी पुष्कर में साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का स्पष्ट प्रभाव देखा जा रहा है । ग्रहण के मद्देनजर आज ब्रह्मा मंदिर सहित सभी मंदिरो के कपाट ग्रहण के सूतक के बाद बंद हो गए।
जगत पिता ब्रह्मा मंदिर के कपाट रहे बंद
जगत पिता ब्रह्मा मंदिर के कपाट अब ग्रहण शुद्ध होने के बाद मंगलवार सांय 7:30 बजे खुलेंगे । धर्म नगरी में सूर्य ग्रहण के कारण सुतक लगने के बाद से ही भजन कीर्तन और दान पुण्य का दौर चलता रहा। लोगो ने अपने-अपने तरीके से भगवान पर आए इस संकट के निराकरण की कामना की। आलम ये था कि ग्रहण के कारण मंदिरो में आरती तक नही हुई। श्रद्धालुओं ने घाटो ओर मंदिरों पर अपना डेरा डाल दिया और ग्रहण शुद्ध होने का इंतजार करते रहे। इस दौरान पुष्कर के मुख्य मंदिरो के कपाट पूरी तरह बंद रहे। लोगो ने धान, कपडे और तेल का दान कर पीडा निवारण की कामना की।
बाजारो में पसरा सन्नाटा, दीपावली की राम-राम पर पड़ा असर
सूर्य ग्रहण के चलते कस्बे की अमूमन दुकानें भी बंद रही । साथी दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा वाले दिन सूर्य ग्रहण के चलते कस्बे में दीपावली का राम-राम करने अपने परिचितों के घर जाने वाले लोग इस बार दीपावली की राम-राम नहीं कर सके।
गौरतलब है कि सूर्य ग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहते है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है, तब सूर्य ग्रहण होता है। इस दौरान सूर्य, चंद्रमा के पीछे कुछ समय के लिए पूरी तरह से ढक जाता है। इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती है, जिसके कारण कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरा छा जाता है। ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हों। इस ज्यामितीय प्रतिबंध के कारण सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या को घटित होता है।
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