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October 19, 2022
जहां एक और रोशनी के त्योहार दिवाली पर संपन्न परिवार खरीदारी में व्यस्त है। तो वही समाज का वह गरीब तबका दो वक्त की रोटी और दिवाली पर दीपक से अपने घर को रोशन करने की जद्दोजहद मैं लगा है। इसी बीच पुष्कर के निकटवर्ती ग्राम चावंडिया गांव के दिनेश नायक के घर के दो चिराग दिवाली से पहले ही बुझ गए।
दरअसल पुष्कर के निकटवर्ती ग्राम चावंडिया में गरीब मजदूर दिनेश नायक अपनी पत्नी के साथ काम पर गया था। इसी बीच गांव में ही बनी झोपड़ी में उसके 4 बच्चे रह रहे थे। अचानक गैस चूल्हे के जरिए झोपड़ी ने आग पकड़ ली । अपने घर को जलता देख जान बचाने के लिए दिनेश के 2 बड़े बच्चे झोपड़ी छोड़कर बाहर निकल आए। पर उम्र कम होने के चलते 1 वर्षीय दीपा और 3 वर्षीय पूजा झोपड़ी से बाहर नहीं निकल सकी। धधकती आग में दोनों बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई । सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने झोपड़ी की आग को बुझाने का प्रयास भी किया । पर दोनों मासूमों की जान को बचाया न जा सका ।
ग्रामीणों ने मृत बालिकाओं के शव लेकर पुष्कर कस्बे के राजकीय चिकित्सालय पहुंचे। जहां पुष्कर पुलिस ने लिखित कार्यवाही को अंजाम दिया। पुष्कर थाना प्रभारी डॉक्टर रवीश सामरिया ने बताया कि बालिकाओं के शव को राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है । जिनका पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
प्रशासन ने की आर्थिक सहायता की पहल
सूचना पर पहुंचे पुष्कर तहसीलदार संदीप चौधरी ने बताया कि पीड़ित परिवार का पंजीयन राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही चिरंजीवी योजना में पूर्व मैं किया जा चुका है। ऐसे में तमाम कागजी कार्यवाही कर परिवार को मुआवजा दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। जिससे पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल मिल सके ।
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