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October 18, 2022
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा केन्द्रीय कारागृह का किया गया मासिक निरीक्षण
विधिक सहायता के आवेदन भरवाने के दिए निर्देश
आज दिनांक 18.10.2022 रामपाल जाट सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा केन्द्रीय कारागृह अजमेर का मासिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केन्द्रीय कारागृह के मुलाकात कक्ष में बंदियों से उनके परिजनों से मुलाकता करवाई जा रही थी साथ ही टेलिफोन के माध्यम से भी बंदियों को उनके परिवारजनों से बात करने के लिए कारागृह द्वारा व्यवस्था करवाई जा रही थी। केन्द्रीय कारागृह में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के अंतर्गत आने वाले बंदियों से सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उनके मुकदमों के बारे में पूछा गया व अंडर ट्रायल के दौरान आए बंदियों में से 2 बंदी बिहार के थे जिनको आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर कारागृह में थे, उनके परिवारजनों से भी सचिव ने टेलिफोनिक माध्यम से बात कर उसकी सूचना भी बंदी के परिवार को दी। उनको निःशुल्क विधिक सहायता के माध्यम से विधिक सहायता के आवेदन भरने के लिए कहा। निःशुल्क विधिक सहायता के माध्यम से उन्हें निःशुल्क अधिवक्ता दिया जाएगा। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि नए दाखिल होने वाले बदियों के लिए रजिस्टर रखे जिसमें वे दिन-प्रतिदिन ये अंकित करें कि किस बंदी को वकील चाहिए जो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध करवाया जा सके। केन्द्रीय करागृह में वार्डों के बाहर टेलिफोनिक बूथ की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है जिससे बंदी अपने परिवारजनों से सम्पर्क कर सकता है, उसके लिए प्रत्येक बंदी को 5 मिनट का समय मिलता है। बंदियों को पुस्तक पढ़ने के लिए पुस्तकालय से पुस्तकें भी उपलब्ध करवाई जाती है कारागृह में चिकित्सकों की भी मौजूदगी पाई गई जिनके द्वारा बंदियों का उपचार किया जा रहा था। कारागृह में कुल 1149 बंदी थे जिनमें से कठोर कारावास में 313, साधारण कारावास में 52 लाचार बंदी 21, टाडा बंदी 03 विदेशी बंदी 02 विचाराधीन बंदी 758 थे।
इसी के साथ सविच द्वारा महिला सुधारगृह का भी निरीक्षण किया गया जिसमें उन्होंने महिला बंदियों से व्यक्तिगत रूप बात कर उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता के माध्यम से विधिक सहायता के आवेदन भरने के लिए कहा, जिससे उन्हें पैरवी हेतु अधिवक्ता उपलब्ध करवाया जा सके।
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