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October 18, 2022
राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे द्वारा 1 घंटे कार्य का बहिष्कार कर किया चक्का जाम
आंदोलन के चौथे चरण में रोडवेज बचाओ रोजगार बचाओ संकल्प के लिए रोडवेज कर्मचारी पेंशनर्स उतरे सड़कों पर
एक तरफ राज्य सरकार राज्य कर्मचारियों को नियमित वेतन के साथ दीपावली का बोनस देने का ऐलान कर चुकी है तो वहीं राजस्थान रोडवेज के कर्मचारी बोनस तो छोड़ वेतन के लिए भी तरस रहे हैं। ऐसे में वेतन भुगतान और पेंशनर्स को मिलने वाले परिलाभों के लिए किए जा रहे आंदोलन के चौथे चरण में मंगलवार को राजस्थान भर के समस्त बस स्टैंड पर 1 घंटे कार्य का बहिष्कार कर रोडवेज का चक्का जाम कर विरोध जताया।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी नेता एटक प्रदेश सचिव बनवारीलाल जांगिड़ ने बताया कि पिछले 2 माह का वेतन और पेंशन नहीं मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक व्यवस्था डगमगा गई है और जीवन यापन करने में काफी तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है। दीपावली का त्यौहार भी आ गया लेकिन अभी तक सरकार और प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही और कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा। वेतन व पेंशन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के बच्चों की स्कूल फीस,
एलआईसी, बैंक लोन की किस्त समय पर नहीं चुकाने पर पेनल्टी लग रही है अगर जल्द से जल्द वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं कराया गया तो कर्मचारी प्रतिदिन आंदोलनरत होते हुए धरना प्रदर्शन कर अपना रोष जाहिर करते रहेंगे और कार्य का बहिष्कार व हड़ताल करने पर विवश हो जाएंगे।
आज पूरे राजस्थान में समस्त रोडवेज बसों का चक्का जाम कर 1 घंटे कार्य का बहिष्कार किया गया है। उन्होंने बताया कि रोडवेज कर्मियों को बोनस तो दूर 2 महीने से वेतन और पेंशन तक नहीं मिली है इसमें अगस्त और सितंबर माह शामिल है। इस वजह से रोडवेज कर्मियों ने काली दिवाली मनाने का ऐलान किया है। पेंशन और वेतन नहीं मिलने से करीब 21हजार कर्मचारियों सहित एक लाख लोग परेशान है। इन परिवारों के पास त्योहारी सीजन में खरीदारी करने के लिए कोई राशि नहीं है। वहीं रोडवेज से फरवरी माह में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी अभी तक परिलाभ नहीं प्रदान किए गए हैं। कर्मचारियों को पेंशन और वेतन भुगतान के लिए हर माह करीब 102 करोड रुपए की आवश्यकता होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी वादों को भी पूरा नहीं किया और रोडवेज कर्मचारियों को छला है।
गौरतलब है कि पहले से ही घाटे में चल रही रोडवेज का घाटा सरकार द्वारा फंड उपलब्ध नहीं कराने की वजह से लगभग साढे चार हजार करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार की ओर से आरटीआईडीएफ में हर महीने करीब 45 करोड़ और साल में 500 करोड रुपए देने होते हैं लेकिन सरकार ने अभी तक मात्र 140 करोड रुपए ही जारी किए हैं। ऐसे में रोडवेज का घाटा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।
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