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October 13, 2022
श्रम विभाग की वर्ष 2022 की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत में रहेगी भागीदारी, मजदूरों के कल्याण से सम्बन्धित प्रार्थना पत्रों का होगा त्वरित निस्तारण
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रमुख सचिव श्रम विभाग राजस्थान सरकार को जारी किया पत्र
वर्ष 2022 में आयोजित होने वाली चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रमुख शासन सचिव श्र विभाग, राजस्थान सरकार जयपुर को पत्र लिखकर बताया है कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम से संबंधित मामले लम्बे समय तक विचारण की प्रक्रिया में ही उलझे रहत हैं, जबकि ऐसे मामलों की प्रकृति तथा पीनित पक्षकारों की सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे मामलों का लम्बे समय तक लम्बित रहना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। अधिकांशतः ऐसे मामलों में पीड़ित याची समाज के कमजोर वर्ग विशेष रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के सदस्य होते हैं ऐसी प्रकृति के मामलों के प्रभावी निस्तार हेतु डोरस्टेप काउसलिंग कैम्प का आयोजन कर उनमें आमजन की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए * कहा गया। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के पंजीकरण के लिए या पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का मौके पर ही सम प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए। लंबित मामलों में से राजीनामा योग्य मानले चिन्हित किए जाकर राष्ट्रीय लोक अदालत में रेफर किए जाने के भी निर्देश प्रदान किए। संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त अजमेर द्वारा वर्ष 2022 की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत के सम्बन्ध में बताया कि बीयू में पंजीकृत हिताधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार अजमेर पर विभाग पर कुल 14 आवेदन लम्बित है इसी के साथ अजमेर मुख्य र व किशनगढ़ को मिलाकर विभाग पर कुल 2698 आवेदन लम्बित बताए गए है। अजमेर ब्यावर व किशनगढ़ के योजनाया: प्राप्त आवेदनों की रिपोर्ट के अनुसार अजमेर मुख्यालय पर 7882 आवेदन पत बताए गए एवं व किशनगढ़ को मिलाकर कुल 32264 आवेदन लम्बित बताए गए। अजमेर में चल रही निर्माण श्रमिक एवं उनके आश्रित बच्चों द्वारा भारतीय / राजस्थान प्रशासनिक सेवा हेतु आयोजित प्रारम्भिक प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन योजना निर्माण श्रमिक औजार/टूलकिट सहायता योजना निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा योजना, निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना, प्रसूति सहायता योजना, शुमशक्ति योजना, सिलिकोसिस पीडित हिताधिकारियों हेतु सहायता योजना, हिताधिकारी की सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की दशा में सहयता योजना 2014 जैसी योजनाओं में कुल 50818 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें से 17112 आवेदन स्वीकार किए गए, 25486 आवेदन अस्वीक्त किए गए व सिटीजन पर कुल 338 आवेदन लम्बित बताए एवं विभाग पर 7882 आवेदन लम्बित बताए गए। इसी तरह ब्यावर में इन योजनाओं के तहत कुल 55599 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 22437 आवेदन स्वीकृत हुए और 14246 अस्वीकृत रहे। सिटीजन पर कुल 80 आवेदन लुम्बित रहे व विभाग पर कुल 18826 आवेदन लम्बित बताए गए। साथ ही किशनगढ़ मैं इन योजनाओं के तहत कुल 22965 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 9265 आवेदन स्वीकृत हुए और 8132 आवेदन अस्वीकृत रहे । सिटीजन पर कुल 12 आवेदन लम्बित रहे व विभाग पर कुल 5556 आवेदन लम्बिर बताए गए। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संभागीय श्रम आयुक्त अजमेर के समक्ष आवेदित प्रार्थना पत्रों एवं कर्मचारी क्षतिपूर्ति के लम्बित मामलों को सोक अदालत के जरिए निस्तारित किए जाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत की गाईडलाईन प्रेषित करते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र के हवाले से उक्त मामलों को भी राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए निस्तारण के निर्देश दिए हैं तथा श्रमिकों के लम्बित विविध आवेदनों को भी राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व त्वरित गति से निस्तारित किए जाने के निर्देश प्रदान किए हैं
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