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October 13, 2022
भरतपुर. पति ने वर्षों पहले ठुकरा दिया, पति साथ नहीं रखता, मारता पीटता, दुर्व्यवहार करता...फिर भी ये सुहागिनें अपने पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं. पति ने भले ही इन्हें बिसरा दिया है लेकिन इन्हें आज भी भरोसा है कि एक न एक दिन उनके पति उन्हें लेने आएंगे. अपना घर आश्रम में निवासरत करीब 100 से अधिक सुहागिनों ने आज करवा चौथ का व्रत रखा है. करवा चौथ के अवसर पर हम इन्हीं सुहागिनों के प्रेम और समर्पण की कहानी लेकर आए हैं.
हर बात मानूंगी, बस साथ ले जाओ- ग्वालियर की रहने वाली मीनाक्षी डेढ़ साल से अपना घर आश्रम में है. मानसिक स्थिति खराब होने की वजह से पति आए दिन झगड़ा करता था. मीनाक्षी करवा चौथ के दिन अपने पति के पास जाना चाहती है. वो अपने पति की हर बात मानने को तैयार है. लेकिन उसका पति उसे स्वीकार नहीं करना चाहता. गुरुवार को अपना घर आश्रम के संस्थापक डॉ बीएम भारद्वाज ने मीनाक्षी की अपने मोबाइल से उसके पति से बात कराई, लेकिन उसके पति ने उसे स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया.
डॉ. बी एम भारद्वाज ने बताया कि कई महिलाओं के परिजन तो ऐसे हैं जिन्होंने अपना घर आश्रम का मोबाइल नंबर और फोन नंबर ब्लॉक कर दिए हैं. ताकि उनको यहां से कोई फोन या मैसेज नहीं किया जा सके. विपरीत हालात के बावजूद सुहागिनें अपने पति के आने की उम्मीद लगाए हुए हैं. कई महिलाएं तो सिर्फ एक बार मिलने के लिए तड़प रही हैं
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