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August 23, 2022
वर्षों से जीर्णोद्धार की बाट जोह रहा विश्व का एकमात्र पौराणिक जगतपिता ब्रह्मा का पुष्कर स्थित मंदिर अब प्रदेश की गहलोत सरकार के आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ और देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत के प्रयासों के बाद जीर्णोद्धार की तरफ कदम बढ़ा रहा है। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से मंदिर के बाहरी क्षेत्र में मरम्मत का कार्य करने की अनुमति मिलने के बाद अब जगतपिता ब्रह्मा मंदिर की अस्थाई प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर अंशदीप ने इसकी कवायद शुरू कर दी है । सोमवार को जिला कलेक्टर अंशदीप में पुष्कर पहुंचकर मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक ली । इस दौरान अस्थाई प्रबंधन समिति के सचिव उपखंड अधिकारी सुखाराम पिंडेल सहित कस्बे के तमाम सरकारी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे । जिला कलेक्टर अंशदीप ने बताया कि आगामी कार्तिक मेले को लेकर स्थानीय प्रशासन तैयारियों में जुटा है। अगले 2 महीने के अंदर मंदिर के दर्शनार्थियों के लिए रूट का निर्माण किया जाएगा । जिससे आसानी से दर्शनार्थी जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में दर्शन कर पाएंगे। 2 महीने के अंदर मंदिर की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा । मरम्मत के अंतर्गत जर्जर बड़े भवनों को पुनः तोड़कर वापस नया बनाया जाएगा । देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी । साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में बने उनके ड्रीम प्रोजेक्ट जगतपिता ब्रह्मा मंदिर के एंट्री प्लाजा को भी शुरू कर दिया जाएगा और उसी के माध्यम से प्रवेश और निकासी की व्यवस्था की जाएगी । जिसको लेकर 3 दिनों में व्यवस्थित रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी । जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में बैठक के बाद जिला प्रशासन ने मेला मैदान का रुख किया । जहां तमाम सरकारी अधिकारियों के बीच आगामी मेले को लेकर व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई ।
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