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August 18, 2022
झूलेलाल मंदिर अध्यक्ष प्रकाश जेठरा ने बताया कि सिंधी समाज की महिलाएं शीतला सप्तमी यानि थदडी उत्सव के एक दिन पूर्व मीठी रोटी पकवान बेसन की रोटी मीठे पकौड़े , सब्जियां व्यंजन बनाती हैं। यह ठंडा व्यंजन आदि आज थदडी के दिन महिलाएं माता एवम् बहने किसी बावड़ी पर कुए पर या हैंडपंप पर या मंदिर पर जाकर पूजा अर्चना कर एवम् छोटी-छोटी आखिरी बनाकर घर के सभी सदस्यों को आंखों वह बाजुओं पेट में लगाकर मीठे व्यंजनों पर छींटे लगाकर परिवार के बच्चों की दीर्घायु बनी रहे एवं बच्चों और परिवार वालो को माता रानी बीमारी से बचाने की कामना करती हैं। एवं बच्चों और बड़ों पर माता रानी की कृपा बनी रहे ऐसी कामना करते हुए सिंधी समाज की महिलाएं मंगल गीत गाकर पूजा करने के लिए जाती हैं। शीतला की पूजा कर ठंडे भोजन का भोग लगाकर माता शीतला की पुजा अर्चना कर पल्लव व प्रार्थना से घर परिवार और समाज की सुख समृद्धि एवम् खुशहाली की कामना करती हैं । पतली पर शहर के अलग-अलग जल्दी बहुल इलाकों में महिलाओं ने शीतला सप्तमी की पूजा अर्चना की। इस दिन बेकरी व्यवसाय बंद रखा जाता है ।
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