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July 28, 2022
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत डिविजनल अकाउंटेंट अनिल दायमा को 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते ट्रैप किया था। गुरुवार को टीएलओ मीरा बेनीवाल के द्वारा आरोपी को भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालय में पेश किया गया। जहां से न्यायाधीश ने रिश्वत लेने के आरोपी अनिल दायमा को 6 अगस्त तक ज्यूडिशल कस्टडी में भेजने के आदेश दिए। सहायक निदेशक अभियोजन एसीबी न्यायालय सत्यनारायण चितारा ने बताया कि परिवादी ठेकेदार सुरेंद्र सिंह द्वारा निगम क्षेत्र में सड़क का निर्माण किया गया था। जिसका बिल पीडब्ल्यूडी द्वारा पास किया जाना था। 43 लाख के बिल को पास करने की एवज में डिविजनल अकाउंटेंट अनिल दायमा द्वारा कुल बिल राशि का आधा परसेंट रिश्वत के रूप में मांगा गया। बुधवार को अकाउंटेंट ने परिवादी से 10 हजार रुपये लिए जिसे उसने दराज में रखा तभी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी अनिल दायमा जयपुर का मूल निवासी है और वह अजमेर में किराए के मकान में रहता है। एसीबी द्वारा आरोपी अनिल दायमा पुत्र वीर सिंह दायमा के कालवाड रोड पुलिस थाना झोटवाड़ा अंतर्गत मकान पर भी सर्च कार्यवाही की गई है।
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