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July 20, 2022
जिसका कोई नहीं होता उसका ईश्वर होता है यही वाक्या साबित किया है जयपुर के आईएएस ऑफिसर डॉक्टर भागचंद बधाल ने जिसने साइंटिस्ट की जॉब को छोड़कर युवाओं का भविष्य सुधारने के लिए तहसीलदार का पद चुना है । आज राज्य बीमा कंपनी की अतिरिक्त निदेशक जयपुर मे पद पर है। अक्सर कहा जाता है पुलिस और प्रशासन नहीं होता .......... लेकिन इन आईएएस अधिकारी ने खुद की ना सोच कर गरीब तबके में रहने वाले युवाओं की भविष्य के बारे में सोचा और उनकी सेवा करने के लिए आगे बढ़े। जब इस बात की खबर पत्रकार डब्लू गोस्वामी को मिली तो वो भी इस तरह की अधिकारी का सहयोग करने के लिए डॉक्टर साहब से वार्तालाप करने पहुंचे ।इसी बात को लेकर राजस्थान ब्यूरो चिप डब्ल्यू गोस्वामी उनसे रूबरू हुए। डॉक्टर भागचंद बधाल ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई के बाद उनका सिलेक्शन साइंटिस्ट के लिए हो गया था, लेकिन उन्होंने राजस्थान के पिछड़े लोगो की स्थिति को देखते हुए उन्होंने गांव गांव ढाणी ढाणी खुद की सेवा देने के लिए आगे बढ़े और युवाओं के प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने बताया कि राजस्थान के युवाओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिसमें गरीब तबके के लोगों को काफी दिक्कत होती है ।इसी भावना को देखते हुए उन्होंने इस और अपना कदम बढ़ाया और प्रकृति का नियम रहा है कि जिस तरह हमने समाज से लिया है उसी तरह उसे लौटा दिया जाए। इसी वाक्यों को देखते हुए उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया। राज्य सरकार द्वारा जो योजनाएं चलाई गई है उनका फायदा ग्रामीण क्षेत्रों को नहीं मिलता है इसी बात को लेकर डॉक्टर बधाल ने एक रक्षक सोसाइटी और मानवता सेतु द्वारा दानदाता के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्र में निशुल्क स्वास्थ्य कैंप एंबुलेंस चलाने का विचार भी किया है ।जिससे कि राज्य सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्र के हर गरीब तबके को चिरंजीवी योजना का लाभ मिल सके और उसका फायदा उठा सकें डॉक्टर बधाल गरीब तबके की सेवा करना और खासकर युवाओं को आगे बढ़ाने की और उन्हें सहयोग देने की अपील भी की है।
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