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July 20, 2022
सम्राट पृथ्वीराज चौहान समारोह समिति के कार्यकर्ताओं ने ब्यावर परियोजना प्रमुख लक्ष्मीनारायण एवं सहप्रमुख पृथ्वी सिंह भोजपुरा के तत्वावधान में मंगलवार को वीर शहीद क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन कर श्रद्धांजलि अर्पित कर स्मरण किया गया। ब्यावर परियोजना सहप्रमुख पृथ्वी सिंह भोजपुरा ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि 34 वीं बंगाल नेटिव इंफेंट्री का सिपाही नम्बर 1446 जिसने प्रथम भारतीय स्वाधीनता की पहली गोली देश धर्म की रक्षा के लिये चलाई थी। मंगल पांडे का जन्म 17 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बालियाँ जिले के नगवा ग्राम में धर्म निष्ठ परिवार में हुआ। वे 22 वर्ष की आयु में 1849 को ईस्ट इंडिया कम्पनी की बंगाल नेटिव इंफेंट्री में भर्ती हुए । अंग्रेजों की दासता के विरुद्ध 29 मार्च 1857 रविवार की शांत दोपहर को मंगल पांडे ने लेफ़्टिनेंट बीएच बो के सीने में अपनी ब्राउन बीज़ राइफ़ल की गोली उतार कर 1857 की महान क्रांति का सूत्रपात किया। इसके लिये उन्हें 8 अप्रैल 1857 को बैरकपुर की छावनी में फाँसी पर चढ़ाया गया। हमें याद रखना चाहिए आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल उठाये नहीं मिली हैं। राष्ट्र ज़िंदा हैं हुतात्म क्रांतिकारियों के बलिदानों के बल पर। इस अवसर पर पृथ्वीराज चौहान समारोह समिति के युवा प्रमुख विक्रान्त सिंह रावत, चौहान सेना प्रदेश अध्यक्ष सूरज प्रताप सिंह राजियावास, रावत कमांडो फ़ोर्स प्रदेश संगठन मंत्री सुनील सिंह अतितमण्ड, धर्म प्रसार जिला सहप्रमुख महेन्द्र सिसोदिया, अभिमन्यु सिंह क़ानूजा, कालू सिंह नंगपुरा, चन्द्रवीर सिंह शिवनगरी, सुरेंद्र राठौड़, विक्रम सिंह, कुलदीप सिंह चौहान रावला का बाड़िया,अम्बेडकर सेना के मुकेश जोधावत, कपिल बोयत, सुनील फुलवारी, सज्जन सिंह चौहान, प्रदीप सिंह कड़ीवाल, ऋषि सिंह, शेर सिंह, राजेश गुर्जर, टोनी सिंह, गुलाब सिंह, मदन सिंह वार्डपंच आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने मंगल पांडे की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया।
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