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July 16, 2022
जीएसटी काउंसिल की 47 वीं मीटिंग में आवश्यक वस्तुओं पर पैकेजिंग और लेबलिंग के नाम पर लगाए जाने वाले 5% जीएसटी की अनुशंसा को निरस्त करने की मांग को लेकर शनिवार को अजमेर होलसेल मर्चेंट एसोसिएशन अजमेर के बैनर तले व्यापारियों ने भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आवाहन पर देश प्रदेश के सभी परचून बाजार ,होलसेल मंडी, आटा, दाल, चावल मिल और कृषि मंडी को बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खाद्यान्न वस्तुओं पर 18 जुलाई से लगाए जाने वाले 5 प्रतिशत जीएसटी की अनुशंसा को निरस्त करने की मांग की। इसके विरोध में 16 जुलाई शनिवार को देश, प्रदेश और अजमेर में खाद्यान्न वस्तुओं का होलसेल व्यापार पूरी तरह से बंद रहा। अजमेर में पड़ाव सहित ब्यावर रोड़ अनाज मंडी के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे, वही लोडिंग अनलोडिंग भी नहीं हुई। पड़ाव अनाज मंडी और किराना का खुदरा व्यापार करने वाले व्यापारियों का कहना था कि 5% जीएसटी यदि रोजमर्रा के खाने पीने के सामान पर लगेगी तो आम आदमी का मासिक बजट गड़बड़ा जाएगा। पहले ही महंगाई सिर चढ़कर बोल रही है ऊपर से जीएसटी लगने के बाद खाद्यान्न वस्तुओं और महंगी हो जाएंगी। वहीं व्यापारियों का लिखत पड़त में ही समय खराब हो जाएगा, इसलिए आमजन और व्यापारियों की परेशानी को मद्देनजर रखते हुए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को खाद्यान्न पदार्थों पर लगाई गई 5% जीएसटी को तत्काल वापस लेना चाहिए। गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल की पिछले महीने हुई बैठक की सिफारिशों को केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अधिसूचित कर दिया। इसी के साथ 18 जुलाई से प्री पैकेज्ड व प्री लेबल्ड दाल, चावल, आटा, मैदा, सूजी, गुड, मुरमुरे, मखाना सहित अन्य खाद्य उत्पादों पर 5% जीएसटी लागू हो जाएगी। जिसका देश भर के व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
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