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July 16, 2022
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने सात साल पुराने एक हत्या प्रकरण में आरोपी दंपति को दोषमुक्त करने के आदेश दिए हैं। हत्या के आरोपी दंपति 2016 से अब तक न्यायिक अभिरक्षा में चल रहें थे। आरोपियों के अधिवक्ता सूर्यकांत चौधरी के अनुसार 25 जनवरी 2016 को ग्राम पंचायत सुमेल के ग्राम नया बाडिया गोपालपुरा पुलिया के पास स्थित खेतों में एक महिला की लाश मिली थी। सूचना पर सदर थाने के एएसआई गिरधारी सिंह मय जाब्ते मौके पर पहुंचे तथा लाश को कब्जे में लेकर, राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की चीरघर में रखवाया। मृतका की शिनाख्त पुष्कर निवासी प्रेमचंद दगदी की 37 वर्षीय पत्नी तारा उर्फ पुष्पा दगदी निवासी कोठी चांवडिया के रूप में हुई थी। महिला की हत्या तथा शिनाख्त के बाद उसके पति प्रेमचंद पुत्र भंवरलाल ने सदर थाना पुलिस में अज्ञात लोगों के खिलाफ उसकी पत्नी की हत्या करने की शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि श्रीमती तारा दगदी 23 जनवरी को किसी काम से ब्यावर निवासी अपने रिश्तेदार के यहां आई थी। अगले दिन 24 जनवरी को तारा के नाणदे ने उसे पुष्कर जाने के लिए ब्यावर स्थित रोडवेज बस स्टैण्ड़ पर छोडा था। शिकायत में बताया गया कि शाम छह बजे तारा ने पुष्कर निवासी अपनी बहिन से मोबाइल पर बातचीत की।। इसके बाद तारा का मोबाइल स्वीच ऑफ हो गया। पुलिस ने प्रेमचंद की शिकायत पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने अगले ही दिन इस प्रकरण में पुष्कर निवासी जगदीश माली तथा उसकी पत्नी अनिता माली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को खिलाफ चालान पेशकर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। एडवोकेट सूर्यकांत चौधरी ने बताया कि करीब सात साल तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 35 गवाह तथा 67 दस्तावेज पेश किए गए। सात साल की लंबी सुनवाई के बाद गुरुवार को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश जितेन्द्र सांवरिया की ओर से सुनाए गए फैसले में जगदीश तथा अनिता को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए गए। प्रकरण में आरोपियों की ओर से पैरवी अजमेर निवासी एडवोकेट उमरदान सिंह लखावत ने भी की थी।
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