For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 117088151
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: प्राचार्य द्वारा दिए गए विवादित बयान "पाकिस्तान के लिए हमने गीत गाए" और "पाकिस्तान हमारा बड़ा भाई है" के खिलाफ यूथ कांग्रेस ओर एनएसयूआई किया प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: शहर में अवैध मीट की दुकानों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नगर निगम नई बिल्डिंग पर किया जोरदार प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: यूजीसी के नए नियमों व प्रयागराज घटना को लेकर सामान्य व ब्राह्मण समाज में आक्रोश, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: शिव मंदिर, आदर्श नगर, अजमेर में श्री श्याम बाबा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन |  Ajmer Breaking News: प्रदेश सहित जिले में ठंड ने छूड़ाई धुझनी, लगातार गिरते तापमान के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त, रात में गिर रही है बर्फ,लोग अलाव ताप कर रहे हैं सर्दी से बचाव |  Ajmer Breaking News: सप्तम राज्य वित्त आयोगअध्यक्ष श्री चतुर्वेदी ने की जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ चर्चा,पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के संबंध में लिए सुझाव |  Ajmer Breaking News: बड़ी चौपड़ पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया ध्वजारोहण, बोले– डबल इंजन की सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध |  Ajmer Breaking News: राजस्थान में धूमधाम से मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल ने फहराया तिरंगा, बोले– पेपर माफियाओं पर लगा अंकुश |  Ajmer Breaking News: इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय थीम — स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप किया गया। |  Ajmer Breaking News: उत्तर पश्चिम रेलवे, अजमेर मंडल पर  दिनांक 26 जनवरी, 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। | 

क़लमकार: सारी कविताएं जो  राजनीति पर लिखी गई इतना ऊपर चढ़ी पर कुर्सी के नीचे है

Post Views 2071

February 20, 2022

सारी कविताएं जो लिखी गई स्त्री की दशा पर दिशा भ्रमित होकर अभी भी मंच पर है

सारी कविताएं 
जो भूख पर लिखी गई
ज्यादा तारीफ खा कर
प्रगाढ़ बेहोशी में है,

सारी कविताएं जो
लिखी गई स्त्री की दशा पर
दिशा भ्रमित होकर
अभी भी मंच पर है,

सारी कविताएं जो 
राजनीति पर लिखी गई
इतना ऊपर चढ़ी
पर कुर्सी के नीचे है

सारी कविताएं जो 
अभी लिखी नहीं गई
किताबों में बसेरे को 
वो कतार में है

अजीब दौर है 
 सब लिखा गया
सब पढ़ा गया 
पर गया कहां? 

 शायद!!

कुछ को तालियों ने निगल लिया
कुछ तारीफ़ ने चबा लिया
और कुछ
लुप्त की कगार में है। 

हमेशा कविता ने 
बचाया है हमें
अब हमे कविताओं को
बचा लेना चाहिए...

मेधा..


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved