For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 139558961
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर शहर में व्याप्त गंभीर पेयजल संकट एवं आमजन को हो रही भारी परेशानियों के विरोध में अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा हल्ला बोल प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: गंज थाना अंतर्गत वर्ष 2025 में नाबालिक के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश ने किया सजा का ऐलान, |  Ajmer Breaking News: अजमेर शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में स्थित मदन जी के ढाबे पर सोमवार देर रात कुछ युवकों द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट किए जाने का मामला |  Ajmer Breaking News: जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में योग फेस्ट 2026 का शुभारंभ। |  Ajmer Breaking News: अजमेर मेंएआई-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म सचिव जी का शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: महिला उत्थान से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार हो - श्री लोक बंधु |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी सौगात चिकित्सा सुविधाओं को लगे पंख,सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक पर 190 करोड़ और जेएलएन उन्नयन पर 50 करोड़ होंगे खर्च |  Ajmer Breaking News: देवनानी से श्रीमती सिंह व श्री पूनिया मिले, देवनानी की मुख्यमंत्री शर्मा व अजेय कुमार से मुलाकात |  Ajmer Breaking News: भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आह्वान, विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का करें प्रयास |  Ajmer Breaking News: साइबर ठगों को कमीशन पर अकाउंट देने वाला एक आरोपी गिरफ्तार, अकाउंट से 17 लाख रुपए का मिला ट्रांजैक्शन, पुलिस कर रही है मामले की जांच | 

क़लमकार: सारी कविताएं जो  राजनीति पर लिखी गई इतना ऊपर चढ़ी पर कुर्सी के नीचे है

Post Views 4021

February 20, 2022

सारी कविताएं जो लिखी गई स्त्री की दशा पर दिशा भ्रमित होकर अभी भी मंच पर है

सारी कविताएं 
जो भूख पर लिखी गई
ज्यादा तारीफ खा कर
प्रगाढ़ बेहोशी में है,

सारी कविताएं जो
लिखी गई स्त्री की दशा पर
दिशा भ्रमित होकर
अभी भी मंच पर है,

सारी कविताएं जो 
राजनीति पर लिखी गई
इतना ऊपर चढ़ी
पर कुर्सी के नीचे है

सारी कविताएं जो 
अभी लिखी नहीं गई
किताबों में बसेरे को 
वो कतार में है

अजीब दौर है 
 सब लिखा गया
सब पढ़ा गया 
पर गया कहां? 

 शायद!!

कुछ को तालियों ने निगल लिया
कुछ तारीफ़ ने चबा लिया
और कुछ
लुप्त की कगार में है। 

हमेशा कविता ने 
बचाया है हमें
अब हमे कविताओं को
बचा लेना चाहिए...

मेधा..


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved