For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 162191556
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर ओपन जेल से उम्रकैद का कैदी फरार, हाजिरी में गायब मिला तो मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की तलाश |  Ajmer Breaking News: पास्को कोर्ट संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, ₹10 हजार के जुर्माने की सुनाई सजा  |  Ajmer Breaking News: पास्को न्यायालय संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने 8 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, 23 हजार रुपए के अर्थ दंड से किया दंडित |  Ajmer Breaking News: कृष्ण गंज थाना अंतर्गत वैशाली नगर में प्रेस की केबिन में चोरी करते महिला पकड़ी , हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस |  Ajmer Breaking News: पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने नगर निगम कमिश्नर और निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग |  Ajmer Breaking News: हाई सिक्योरिटी जेल में बंद धनसिंह पीपरोली की सुरक्षा को लेकर उनकी पत्नी भुवनेश्वरी कंवर उर्फ रिंकू कंवर ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। |  Ajmer Breaking News: पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों व उनके परिजनों पर अनुचित दबाव एवं प्रताड़ना बंद करने तथा निष्पक्षता बनाए रखने के सम्बन्ध में ज्ञापन।  |  Ajmer Breaking News: प्रशासन पर बरसे विधायक विकास चौधरी, कलेक्टर ओर एसपी को दिया ज्ञापन, पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल,  |  Ajmer Breaking News: विकसित भारत जन सेवा कैंप के अंतर्गत जिले के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में रक्तदान शिविर आयोजित |  Ajmer Breaking News: आत्महत्या रोकथाम में सकारात्मक संवाद महत्वपूर्ण, खुलकर करें मन की बातें, निकलेगा समाधान | 

अंदाजे बयां: तन्हाई ने मना किया था

Post Views 301

March 30, 2021

तब भी मैं बेज़ार हुआ था

तन्हाई ने मना किया था,

तब भी मैं बेज़ार हुआ था।



कितनी आवाज़ें थीं मुझमें,

हर आवाज़ से तू ही जुड़ा था।



याद आया मेरी यादों में ,

बरसों इक ख़रगोश रहा था।



तू करता था झूठे वादे,

मैं सच्ची कसमें खाता था।



तेरे लिए ईमान था सूली,

मैं जिस पर हर बार चढ़ा था।



खिड़की बंद अगर कर लूँ तो,

दरवाज़ा गाली बकता था।



समय साथ मे बैठ के मेरे,

चौसर खेल लिया करता था।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved