For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 131514194
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पुष्कर में कार्यकर्ताओं के साथ किया संवाद, ग्रामीण परिवारों के यहां किया रात्रि भोजन |  Ajmer Breaking News: तू डाल डाल में पात पात, शहर में लगातार बढ़ रही है चोरी लूट की वारदात वहीं पुलिस कस रही है शिकंजा, लगातार चोर बदमाश हो रहे हैं गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News:  सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 2026 आयोजन 17 मई से, श्री अमरापुर स्थान पर संतो ने किया प्रचार सामग्री व बैनर का विमोचन |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर लोक बंधु ने पिचौलिया में की संध्या चौपाल,जनसुनवाई कर सुनी ग्रामीणों की परिवेदनाएं, दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश  |  Ajmer Breaking News: जमीनी विवाद में फायरिंग मामले में फरार चल रहे आरोपी को अराई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। |  Ajmer Breaking News: राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरणों का हुआ आपसी समझाइश से निस्तारण |  Ajmer Breaking News: अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में वृद्ध महिला से सोने की चेन लूटने की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। |  Ajmer Breaking News: कोतवाली थाना अंतर्गत ब्रह्मपुरी में महिला रेलवे कर्मचारी के सुने मकान को चोरों ने  निशाना बनाया लेकिन पड़ोसियों की जाग ही जाने से चोर बिना चोरी किए ही फरार हो गए। |  Ajmer Breaking News: जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित, जिला कलक्टर ने नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के दिए निर्देश |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिले में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाला ने शुक्रवार को जिले के सभी डिप्टी थानाधिकारियों की क्राइम मीटिंग ली। | 

अंदाजे बयां: तन्हाई ने मना किया था

Post Views 61

March 30, 2021

तब भी मैं बेज़ार हुआ था

तन्हाई ने मना किया था,

तब भी मैं बेज़ार हुआ था।



कितनी आवाज़ें थीं मुझमें,

हर आवाज़ से तू ही जुड़ा था।



याद आया मेरी यादों में ,

बरसों इक ख़रगोश रहा था।



तू करता था झूठे वादे,

मैं सच्ची कसमें खाता था।



तेरे लिए ईमान था सूली,

मैं जिस पर हर बार चढ़ा था।



खिड़की बंद अगर कर लूँ तो,

दरवाज़ा गाली बकता था।



समय साथ मे बैठ के मेरे,

चौसर खेल लिया करता था।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved