For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 117798852
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: महाआरती के साथ नानी बाई रो मायरो कथा संपन्न, श्रद्धालुओं को किया प्रसाद का वितरण  |  Ajmer Breaking News: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट के बाद महिला मोर्चा द्वारा महिला महोत्सव की बैठक का आयोजन |  Ajmer Breaking News: अजमेर के आगरा गेट स्थित पान की दुकान पर कुर्की की कार्रवाई, न्यायालय के आदेश के पर पुलिस इमदाद ओर नाजिर की मौजूदगी में दुकान खाली करा कर कब्ज़ा मालिक को सौंपा  |  Ajmer Breaking News: शुद्ध आहार मिलावट पर बार अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बोराज गांव की तलहटी में गायत्री सोन हलवा के नाम से संचालित फैक्ट्री पर दी दबिश, |  Ajmer Breaking News: अजमेर के गंज थाना अंतर्गत में राधा विहार कॉलोनी में सोमवार देर रात चोरों ने एक बंद पड़े घर में ताले तोड़कर लगभग डेढ़ लाख की नकदी सहित सोने चांदी के जेवरात चोरी |  Ajmer Breaking News: शातिर ठगों ने जिला कलेक्टर को भी नहीं बक्शा, कलेक्टर की डीपी लगाकर बनाया फेक अकाउंट, अधिकारियों से विदेशी नंबर के जरिए मैसेज भेज कर मांगा पैसा, |  Ajmer Breaking News: अजमेर में अमृता हाट की धूम 16 से, आएंगे देशी उत्पाद, होंगे आकर्षक आयोजन, 16 से 22 फरवरी तक वैशाली नगर अरबन हाट में होगा आयोजन |  Ajmer Breaking News: अजमेर संभागीय स्तरीय अमृता हाट के पोस्टर का उप मुख्यमंत्री ने किया विमोचन |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर की अध्यक्षता में विभागीय समन्वय  बैठक आयोजित,संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री जनसुनवाई एवं फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सड़क विकास कार्यों का किया शुभारंभ, शहर का विकास अब धरातल पर दिखाई दे रहा है- श्री देवनानी | 

अंदाजे बयां: तन्हाई ने मना किया था

Post Views 21

March 30, 2021

तब भी मैं बेज़ार हुआ था

तन्हाई ने मना किया था,

तब भी मैं बेज़ार हुआ था।



कितनी आवाज़ें थीं मुझमें,

हर आवाज़ से तू ही जुड़ा था।



याद आया मेरी यादों में ,

बरसों इक ख़रगोश रहा था।



तू करता था झूठे वादे,

मैं सच्ची कसमें खाता था।



तेरे लिए ईमान था सूली,

मैं जिस पर हर बार चढ़ा था।



खिड़की बंद अगर कर लूँ तो,

दरवाज़ा गाली बकता था।



समय साथ मे बैठ के मेरे,

चौसर खेल लिया करता था।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved