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September 2, 2020
जाताराजस्थान के सीकर जिले में खाप पंचायत के आदेश पर एक चाची और भतीजे को अमानवीयता से गुजरना पड़ा। पंचायत ने दोनों के कपड़े उतरवाए और उन्हें पंचायत में शामिल 400 लोगों के सामने नहलाया गया। खाप पंचायत की इस शर्मनाक सजा को लोग देखते रहे, लेकिन किसी ने भी इसकी जानकारी पुलिस को देना सही नहीं समझा।
घटना सीकर जिले की नेछवा ग्राम पंचायत के सोला गांव की है। कुछ समय पहले सांसी समाज से जुड़े और रिश्ते में चाची-भतीजा लगने वाले युवक-युवती का एक एक वीडियो वायरल हो गया था। वीडियो सामने आने पर खाप पंचायत के लोग इकट्ठे हुए और युवक-युवती को बिना कपड़ों के सभी के सामने नहलाने का फरमान सुनाया।
400 लोग वीडियो बनाते रहे, किसी ने नहीं किया विरोध
वीडियो वायरल होने के बाद चाची-भतीजे को सजा सुनाने सीकर जिले के सोला गांव में इकट्ठा हुए खाप पंचायत के लोग।
वीडियो वायरल होने के बाद चाची-भतीजे को सजा सुनाने सीकर जिले के सोला गांव में इकट्ठा हुए खाप पंचायत के लोग।
सजा सुनाए जाते समय वहां करीब 400 लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया। शुद्धीकरण के नाम पर दोनों को सभी के सामने नहलाया गया। भीड़ में शामिल लोग दोनों के फोटो खींचने के साथ वीडियो भी बनाते रहे।
पुलिस को 11 दिनों तक घटना का पता नहीं चला, 10 के खिलाफ एफआईआर
सजा सुनाने वाली खाप पंचायत के पंचों ने दोनों के परिवारों पर जुर्माना भी लगाया। युवक से 31 हजार रुपए और युवती के परिवार से 22 हजार रुपए वसूले गए। सबसे ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि पुलिस को घटना के बारे में 11 दिनों बात पता चला। अखिल राजस्थान सांसी समाज सुधार एवं विकास न्यास के प्रदेश अध्यक्ष सवाईसिंह मालावत ने सीकर के एएसपी को इसकी लिखित शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
डेढ़ महीने पहले वायरल हुआ था वीडियो, सजा सुनाने चार जिलों के पंच आए थे
युवती और युवक के कपड़े उतरवाते समय बड़ी संख्या में महिलाएं भी वहां मौजूद थीं, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया।
युवती और युवक के कपड़े उतरवाते समय बड़ी संख्या में महिलाएं भी वहां मौजूद थीं, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया।
रिश्ते में चाची और भतीजा लगने वाले युवक-युवती का वीडियो डेढ़ महीने पहले वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद 21 अगस्त को गांव में खाप पंचायत हुई। इसमें सीकर, चूरू, झुंझुनूं और बीकानेर से पंच इकट्ठा हुए थे। युवक और युवती पर नहलाते समय पतला सफेद कपड़ा लपेटा गया था। इसके बाद उन्हें दूध और पानी से नहलाया गया। सजा सुनाने वाले पंचों में से एक सरकारी नौकरी से रिटायर्ड है तो एक ऐसा भी है, जो वर्तमान में सरकारी कर्मचारी है।
पुलिस का मानना परिवार की सहमति से नहलाया गया
सीकर एएसपी डॉक्टर देवेंद्र शर्मा का कहना है कि सांसी समाज के कुछ पंच-पटेलों और पीड़ितों के परिवार की सहमति से युवक और युवती को नहलाया गया है। युवती के सास ससुर से भी पूछताछ की जा रही है। एसटी-एससी सेल के सीओ, लक्ष्मणगढ़ सीओ और थानाधिकारी को भेजकर जांच करवाई गई है। पीड़िता के बयान भी ले लिए गए हैं।
सबके सामने नहीं नहलाते तो परिवार की मदद करने वाले तक को सजा मिलती
पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनमें से तीन आरोपी नेमाराम सांसी (1), सुरेश कुमार (2) और अमीचंद (3)।
अखिल राजस्थान सांसी समाज सुधार एवं विकास न्यास के प्रदेश महासचिव राकेश कुमार ने बताया कि सांसी समाज में यह कुप्रथा बरसों से है। युवक-युवती के परिवार वाले उन्हें नहलाने की इजाजत न देते तो उन्हें समाज से बाहर कर दिया जाता। इसके बाद परिवार को किसी सामाजिक कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाता। यदि कोई बुलाता तो बुलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाती।
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