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November 3, 2017
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से विवादित दंड विधियां राजस्थान संशोधन अध्यादेश 2017 को तुरंत वापस लेने की मांग की है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गहलोत ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस अध्यादेश ने पूरे देश में राजस्थान की बदनामी कराई है. इसके बावजूद मुख्यमंत्री राजे द्वारा इसे प्रतिष्ठा एवं अहम का प्रश्न बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस पर गम्भीरता से ध्यान देकर तुरन्त इस विधेयक को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए.
बता दें कि अफसर और नेताओं को बचाने वाले बिल पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट समेत 7 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 27 नवंबर तक सरकार से जवाब मांगा है.
न्यायाधीश अजय रस्तोगी व दीपक माहेश्वरी की खंडपीठ ने सरकार के नेताओं और लोकसेवकों को सुरक्षित करने वाले आपराधिक कानून(राजस्थान संशोधन) अध्यादेश-2017 की संवैधानिकता को चुनौती देने वाले मामले में राज्य और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दिए.
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