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October 22, 2026
अजमेर के नसीराबाद सिटी थाना अंतर्गत बीजेपी नेता और उसके भाई पर घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता का आरोप, एसपी कार्यालय पहुंचा पीड़ित परिवार
अजमेर जिले के थाना नसीराबाद सिटी अंतर्गत घर के बाहर खड़ी बाइक हटाने की बात को लेकर भारतीय जनता पार्टी के देहात के अनुसूचित जाति के नेता सतीश पारचे और उनके भाई मनोज पारचे पर महिलाओं ओर युवतियों के साथ अभद्रता, अश्लीलता, गालीगलौच और मारपीट करने के मामले में नसीराबाद सिटी थाना पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई नहीं करने पर आज पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश हुआ ओर निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की।पीड़िता लाजवंती ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनके घर के पास गली में बाइक खड़ी थी, जिसे हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था।आरोपियों ने मौके पर आकर गालियां दीं और विरोध करने पर घर में जबरन घुस आए।आरोप है कि मनोज पारचे और सतीश पारचे ने बेरहमी से 90 साल की नानी और मां का गला दबाया, बहन की आंख पर मारा और उनकी बाइक को तोड़ दिया।घर की महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और उनके कपड़े इधर-उधर किए गए।पीड़ित परिवार ने इस संबंध में नसीराबाद सिटी थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें कल दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक थाने में बिठाए रखा और रिपोर्ट दर्ज की.इसके महज आधे घंटे बाद ही आरोपियों को धारा 151 के तहत जमानत देकर छोड़ दिया गया।परिवार का कहना है कि घर में घुसकर मारपीट और गंभीर अपराध के बावजूद पुलिस ने केवल 'शांति भंग' का मामला दर्ज किया, जबकि इस मामले में गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी।परिवार ने यह भी बताया कि घटना के समय घर पर कोई पुरुष मौजूद नहीं था, और आरोपियों ने केवल 15-20 मिनट के भीतर इस घटना को अंजाम दिया।आज पीड़ित परिवार ने अजमेर एसपी कार्यालय पहुंचकर इस मामले में ज्ञापन सौंपा।परिवार के पास मारपीट, वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट के पूरे सबूत मौजूद हैं।पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि बीजेपी नेता सतीश पारचे और उनके भाई मनोज पारचे के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और अतिशीघ्र सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस गंभीर मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और आरोपियों को तुरंत जमानत मिलने पर पीड़ित परिवार ने गहरा रोष व्यक्त किया है।
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