Post Views 01
October 21, 2026
अवधपुरी जॉन्सगंज में किया गया 70 फ़ीट रावण का दहन,
नन्हे मुन्ने बाल कलाकारों ने किया रामलीला का मंचन जिन्हें देखने के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
अजमेर। अवध युवा कोली सेवा समाज समिति की ओर से अवधपुरी जोन्स गंज वार्ड 35 में 70 फीट के रावण का दहन दशहरा पर्व पर दिनांक 20 अक्टूबर 2026 को किया गया। इससे पहले अवधपुरी के नन्हे मुन्ने बाल कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। जिसमें सीता हरण से लेकर रावण वध तक की रामलीला का सफल मंचन किया गया।
अवध युवक कोली समाज सेवा समिति के प्रवक्ता राजकुमार ओर समाजसेवी ऋषभ सिंह टाल वाले ने बताया कि पिछले 6 वर्षों से अवधपुरी जोन्स गंज में दशहरा महोत्सव मनाया जा रहा है। इस वर्ष भी समाज सेवा समिति के सदस्यों ने अपने हाथों से रावण का पुतला बनाया, इसकी लंबाई 70 फीट थी तथा उसे रावण दहन मैदान में खड़ा किया गया। 20 अक्टूबर 2026 की दोपहर बाद करीब 3:00 बजे अवधपुरी स्थित अमरनाथ महादेव मंदिर से राम बारात निकाली गई जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, राम बारात के आगे मां काली का अखाड़ा चल रहा था जिसके दर्शन के लिए भी जगह-जगह लोगों ने रोक कर फूल मालाओं से उनका स्वागत किया और आशीर्वाद लिया।राम बारात अवधपुरी से निकलकर नरसिंहपुरा, इंद्रापुरी, संगम विहार गड्डी रोड, किशन चक्की, ईश्वर दास सिंधी की दुकान, अजय फर्नीचर के सामने, माता मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर से चोड़ी गली होते हुए रावण दहन मैदान पर पहुंची।इस बीच राम बारात का जगह-जगह क्षेत्र वासियों ने फूल मालाओं से स्वागत किया और पुष्प वर्षा की।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वार्ड 35 की नवनियुक्त पार्षद मोनिका सुईवाल थी लेकिन वह किन्हीं कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकी उनके स्थान पर उनका पूरा परिवार आयोजन में शामिल हुए। जिनका अवध युवा कोली समाज सेवा समिति की ओर से माला पहनकर स्वागत किया गया। इनके अलावा वार्ड 41 के पार्षद सुनील सिंह, राकेश सूंईवाल, पार्षद प्रत्याशी ऋषभ भाई टाल वाले, महिपाल मीणा, शोभाराम गहरवार (गुर्जर), प्रताप चौधरी सहित जौन्सगंज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
राम बारात जैसे ही रावण दहन मैदान में पहुंची लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके पश्चात रामलीला का मंचन शुरू किया गया। रामलीला मंचन में रावण की बहन सूर्पनखा की नाक काटने से लेकर सीता हरण जटायु से रावण का युद्ध, सीता हरण के बाद श्री राम का पत्नी विलाप, सीता की खोज करते हुए जटायु के पास जाना, घायल जटायू से उसके घायल होने का कारण पूछना बाद में उसकी मौत के बाद उसका दाह संस्कार करना, राम भक्त शबरी से झूठे बेर खाना, बाद में ऋष्यमूक पर्वत पर राजा सुग्रीव के पास जाना हनुमान से मुलाकात करना और बाली का वध करना तथा बाद में हनुमान जी द्वारा सीता माता का पता लगाना हनुमान द्वारा अशोक वाटिका उजाड़ने पर फल तोड़ तोड़ कर उपस्थित श्रद्धालुओं को खिलाने वाला दृश्य बड़ा ही मनमोहक लगा। पवन पुत्र द्वारा रावण पुत्र अक्षय कुमार का वध करना,रावण पुत्र मेघनाथ के द्वारा हनुमान को ब्रह्मफास में बांधकर रावण के पास ले जाना, तत्पश्चात रावण द्वारा हनुमान जी की पूंछ में आग लगाना और हनुमान द्वारा लंका दहन करना, श्री राम द्वारा समुद्र की पूजा करना और फिर बानर नल और नील के द्वारा समुद्र में सेतु बनाना सेतु पर करके रावण की लंका में प्रवेश करना उसके पश्चात अंगद का रावण को समझने के लिए जाना और जमीन पर पैर जमा कर उसे हिलाने की चुनौती देना सहित मेघनाथ लक्ष्मण युद्ध, लक्ष्मण के शक्तिमान लगने पर हनुमान द्वारा पर्वत उठा कर लाना, लक्ष्मण को प्राण दान मिलने के बाद फिर से मेघनाथ से युद्ध करने जाना और मेघनाथ का वध करना, श्री राम के द्वारा कुंभकरण का वध करना उसके पश्चात रावण और राम के बीच भयंकर युद्ध होना और रावण की नाभि में मौजूद अमित को निरीक्षण के कहने पर अग्निबाण से प्रहार करके सुखना और रावण का शीश काट कर उसका अंत करना लीला के अंदर शामिल था। अंत में रावण का दहन किया गया।
इस बीच रामलीला का मंचन करने वाले कलाकारों पर उपहार की बौछार हो गई महिपाल मीणा, शोभाराम गहरवाल, राकेश सूंईवाल, मोनिका सुईवाल के परिवार द्वारा एवं ऋषभ भाई टाल वालों के द्वारा, ऋषभ भाई टाल वाले के भाई राजेंद्र राव के द्वारा कलाकारों को उपहार बांटे गए। इसके अलावा समिति के सदस्य और रावण का पुतला बनाने वालों को भी उपहार बांटे गए।अंत में रावण दहन के बाद कार्यक्रम का विसर्जन किया गया। रामलीला का मंचन वरिष्ठ पत्रकार अमर सिंह के संचालन में संपन्न कराया गया।
समिति के सदस्य राकेश तंवर, राजकुमार तंवर,राजकुमार खण्डवाल, जितेंद्र गहरवार, बंटी तंवर, एडवोकेट एवं नोटरी पब्लिक इंदर सिंह तंवर, मनोज खंडवाल, अमर सिंह तंवर आदि कार्यक्रम में मौजूद रहे और व्यवस्था को संभाले रखा।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved