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October 12, 2026
रोबोट द्वारा किया जटिल ऑपरेशन
अजमेर शहर के लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉक्टर शिव कुमार बुनकर ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए अजमेर में पहली बार रोबोटिक तकनीक द्वारा रेक्टल प्रोलेप्स(मलाशय का बाहर निकलना)का सफल इलाज किया है यह जटिल सर्जरी को जेएलएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल अजमेर में की गई मरीज ने दो वर्ष से मलाशय के बाहर निकलने की वजह से डॉ शिव कुमार बुनकर से परामर्श लिया
डॉ श्याम भूतड़ा के मार्गदर्शन में मरीज का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया डॉ शिव कुमार बुनकर ने अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की सहायता से मेश रेक्टोपेक्सी ( जाली लगाकर) यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया ।
क्या है रेक्टल प्रोलेप्स रेक्टल प्रोलेप्स एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मलाशय (Rectum) अपनी सामान्य स्थिति से नीचे खिसककर गुदा मार्ग (Anal canal) से बाहर निकल आता है।यह मुख्यतः पेल्विक फ्लोर और मलाशय को सहारा देने वाली मांसपेशिओ की कमजोरी के कारण होता है।इसका समय पर इलाज जरूरी होता है
टीम का सराहनीय योगदान
प्रिंसिपल डॉ अनिल सामरिया की देखरेख में मरीज के प्री-ओप एवं पोस्ट-ऑप आईसीयू केयर की गई । अधीक्षक डॉ अरविंद खरे ने बताया की ऑपरेशन अत्याधुनिक रोबोटिक उपकरणों द्वारा मरीज का संपूर्ण इलाज मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पूर्णतया निःशुल्क हुआ। इस ऑपरेशन में डॉ शिव कुमार बुनकर के साथ डॉ नरेश मीना, डॉ सुमित डॉ अमन, डॉ लाखन, डॉ कौशल, डॉ राहुल डॉ अरविंद एवं एनेस्थीसिया की डॉ पूजा माथुर, डॉ प्रदीप एवं नर्सिंग स्टाफ से गीता सिस्टर और राकेश जी का विशेष योगदान रहा और
अजमेर वासियों के लिए गर्व का क्षण
इस सफलता के साथ डॉ शिव कुमार बुनकर ने अजमेर को आधुनिक रोबोटिक सर्जिकल तकनीकी क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाई है। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा जगत के लिए बल्कि पूरे अजमेर के लिए गर्व का विषय है
एक्सपर्ट ओपिनियन
डॉ. शिव कुमार बुनकर ने बताया कि यह सर्जरी अत्यधिक जटिल होती है,यह अजमेर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए बड़ी उपलब्धि है।रोबोटिक तकनीक से मरीज को कई लाभ छोटे चीरे, कम दर्द, कम रक्तस्राव, जल्दी रिकवरी, कम समय में अस्पताल से छुट्टी।
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