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September 22, 2026
पति ने कांग्रेस नेता पर अपहरण का आरोप लगाया, भाजपा चाहती है लक्ष्मी का मतदान हो, कांग्रेस ने अब तक पड़े वोटों के आधार पर परिणाम घोषित करने की मांग की
सीकर। खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में सोमवार से चल रहे सियासी घटनाक्रम में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। मतदान के दौरान लापता हुई वार्ड-10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी को पुलिस ने दस्तयाब कर लिया है। हालांकि उनके सामने आने के बावजूद अध्यक्ष पद के चुनाव की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है। अब यह राज्य निर्वाचन आयोग को तय करना है कि लक्ष्मी को मतदान का अवसर दिया जाएगा या पहले हो चुके मतदान के आधार पर चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। खाटूश्यामजी में सोमवार को लक्ष्मी देवी के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के बाद देर रात तक विवाद चलता रहा था। निर्वाचन अधिकारियों ने उन्हें मतदान का अवसर देने के लिए समय कई बार बढ़ाया, लेकिन उनके नहीं पहुंचने पर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई थी। मतदान से जुड़े रिकॉर्ड को भी सुरक्षित कर दिया गया।
पति ने दी अपहरण की रिपोर्ट, कांग्रेस नेता पर लगाया आरोप
मामले ने उस समय गंभीर मोड़ लिया जब लक्ष्मी देवी के पति हरलाल ने पुलिस अधिकारी राजेश जांगिड़ को लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने कांग्रेस नेता श्याम सुंदर पूनिया पर अपनी पत्नी के अपहरण का आरोप लगाया। यह शिकायत और उसमें लगाए गए आरोप पुलिस जांच का विषय हैं और अभी इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।शिकायत की जानकारी सामने आने के बाद मौके पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया था। भाजपा और कांग्रेस समर्थक आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी की गई। पहले से ही तनावपूर्ण चुनावी माहौल को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने अब लक्ष्मी देवी को दस्तयाब कर लिया है। हालांकि मंगलवार दोपहर तक पुलिस की ओर से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि लक्ष्मी कहां मिलीं, वह वहां किस परिस्थिति में पहुंचीं और उनके लापता रहने के पीछे क्या कारण था। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रही है।
भाजपा की मांग- लक्ष्मी को वोट डालने दिया जाए
भाजपा नेताओं की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि लक्ष्मी देवी को अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान करने का अवसर दिया जाए। भाजपा का कहना है कि निर्वाचित पार्षद के मतदान के अधिकार को प्रभावित नहीं होना चाहिए। सोमवार को लक्ष्मी के पति भी भाजपा नेताओं के साथ धरने पर बैठे थे। लक्ष्मी देवी और भाजपा की अध्यक्ष पद की प्रत्याशी के बीच रिश्तेदारी होने की जानकारी भी सामने आई है। इसी वजह से लक्ष्मी के वोट को लेकर दोनों राजनीतिक खेमों की निगाह बनी हुई है। हालांकि वह किस प्रत्याशी को वोट देंगी, इसे लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
कांग्रेस चाहती है पड़े हुए वोटों से घोषित हो परिणाम
दूसरी तरफ कांग्रेस की मांग है कि सोमवार को जो मतदान हो चुका है, उसके आधार पर अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित किया जाए। कांग्रेस नेताओं की ओर से इस मामले में कानूनी विकल्प अपनाने और अदालत जाने की तैयारी की बात भी कही गई है।कांग्रेस ने मतदान का समय बार-बार बढ़ाए जाने पर भी आपत्ति जताई थी। पार्टी नेताओं का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जानी चाहिए। भाजपा का पक्ष इससे अलग है और वह लक्ष्मी को मतदान का अवसर देने की मांग कर रही है। ऐसे में अब दोनों पक्षों की मांगों पर अंतिम प्रशासनिक फैसला निर्वाचन आयोग के स्तर पर होना है।
20 सदस्यीय पालिका में बेहद करीबी संख्या-गणित
खाटूश्यामजी नगर पालिका में कुल 20 पार्षद हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के 8-8 पार्षद, तीन निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद निर्वाचित हुआ है। इसी करीबी संख्या-गणित के कारण एक-एक वोट का महत्व बढ़ गया है।वार्ड नंबर 10 से लक्ष्मी देवी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुई थीं। उपलब्ध चुनाव परिणाम के अनुसार उन्होंने 172 वोट लेकर अपना वार्ड 37 मतों से जीता था।
अब निर्वाचन आयोग के अगले आदेश पर नजर
लक्ष्मी देवी के मिलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल चुनाव प्रक्रिया को लेकर है। आयोग को यह तय करना होगा कि स्थगित प्रक्रिया में उन्हें मतदान का मौका दिया जाए, मतदान फिर से कराया जाए या पहले से डाले गए मतों पर आगे की कार्रवाई की जाए। मंगलवार दोपहर तक इस संबंध में आयोग का अंतिम आदेश सामने नहीं आया था।इसलिए खाटूश्यामजी नगर पालिका में अध्यक्ष कौन बनेगा, इसकी तस्वीर फिलहाल साफ नहीं हुई है। पुलिस जांच जहां लक्ष्मी के लापता होने और अपहरण के आरोपों पर आगे बढ़ रही है, वहीं चुनाव का अगला कदम राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर निर्भर करेगा।
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