For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 157966594
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर के रामगंज थाना अंतर्गत खानपुरा में चोरी की बड़ी वारदात! |  Ajmer Breaking News: संयुक्त सेन समाज क्षौरकार संस्थान अजमेर के बैनर तले सेन समाज के विभिन्न संगठनों एवं समाज के लोगों ने बुधवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। |  Ajmer Breaking News: पुलिस थाना कृष्णगंज जो मिली बड़ी सफलता, थाना कृष्णगंज के टॉप 10 के दो इनामी बदमाश गिरफ्तार, |  Ajmer Breaking News: अजमेर मंडल का माल लदान में नया कीर्तिमान: अगस्त माह और चालू वित्तीय वर्ष में दर्ज किया अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: नसीराबाद क्षेत्र में खरीफ फसलों को भारी नुकसान, विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग, किसान अपनी खराब फसल हाथों मे लेकर पहुंचे जिला मुख्यालय किया प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: विश्व प्रसिद्ध सुल्तान उल हिंद के शहर अजमेर में शिक्षा,संस्कार और तरक्की के लिए बच्चो में जागरूकता लाने के लिए एक आयोजन किया गया। |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच तेज, वार्ड-4 में बीजेपी प्रत्याशी मोनिका जैन के नामांकन पर आपत्ति |  Ajmer Breaking News: टिकट विवाद पर भाजपा नेताओं का पलटवार—व्यक्तिगत आरोप लगाए तो ऑडियो-वीडियो और रिकॉर्ड से देंगे जवाब |  Ajmer Breaking News: अजमेर में बीजेपी के पूर्व पदाधिकारी महेंद्र भाटी का विरोध, सामान्य वर्ग के सम्मान को लेकर जिला मुख्यालय के बाहर सिर मुंडवाकर किया विरोध प्रदर्शन  |  Ajmer Breaking News: पहचान से अधिकार तक: RMKM ने घुमन्तू एवं विमुक्त समुदाय के साथ मनाया विमुक्ति दिवस | 

राजस्थान न्यूज़: जयपुर नगर निगम चुनाव: BJP में विधायकों की पसंद पड़ी भारी, कांग्रेस में सुनील शर्मा ने 4 विधानसभा क्षेत्रों में दिलाए करीब 32 टिकट

Post Views 11

September 3, 2026

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में अब भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए टिकट वितरण के बाद सबसे बड़ी चुनौती अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की है।

जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव-2026 में भाजपा और कांग्रेस की प्रत्याशी सूची ने दोनों दलों के भीतर टिकट वितरण की ताकत का समीकरण भी सामने ला दिया है। भाजपा में शहर संगठन की ओर से करीब एक महीने तक तैयार किए गए वार्डवार पैनल के मुकाबले अंतिम टिकट वितरण में विधायकों की पसंद को ज्यादा महत्व मिलने की चर्चा है। वहीं कांग्रेस में शहर जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा चार विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पसंद के करीब 32 नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने में प्रभावी रहे। दोनों दलों में टिकट वितरण के बाद विरोध भी सामने आया। भाजपा में संगठन की भूमिका को लेकर अंदरखाने चर्चा है, जबकि कांग्रेस में टिकटों में बदलाव के आरोप लगाते हुए कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर विरोध किया।

भाजपा: हर वार्ड से तीन नामों का पैनल, फिर विधायकों से लिया फीडबैक

भाजपा ने टिकट चयन की शुरुआत शहर संगठन को अहम भूमिका देकर की थी। शहर अध्यक्ष अमित गोयल को वार्डवार सर्वे कराने, मंडल अध्यक्षों और संयोजकों से फीडबैक लेने तथा संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। बताया जा रहा है कि प्रत्येक वार्ड से तीन संभावित नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश मुख्यालय भेजा गया था। इसके बाद पार्टी स्तर पर ऐसा फीडबैक सामने आया कि केवल संगठन के पैनल के आधार पर सभी वार्डों में जीत और बोर्ड बनाने की स्थिति को लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसके बाद संबंधित विधायकों से भी वार्डवार फीडबैक लिया गया।

अंतिम सूची में विधायकों की पसंद को मिला ज्यादा महत्व

टिकटों के अंतिम चयन में स्थानीय विधायकों की राय, प्रत्याशियों की क्षेत्रीय पकड़ और वार्ड के चुनावी समीकरणों को अहमियत दी गई।इसी कारण कई वार्डों में शहर संगठन द्वारा भेजे गए नामों के बजाय विधायकों की पसंद के उम्मीदवारों को टिकट मिलने की चर्चा है। इससे यह राजनीतिक संदेश भी निकला कि भाजपा ने इस चुनाव में विधायकों को टिकट चयन में अधिक भूमिका देने के साथ संबंधित विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का प्रदर्शन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी है।

अमित गोयल की महीने भर की कवायद का सीमित असर

भाजपा के भीतर चर्चा है कि शहर अध्यक्ष अमित गोयल की ओर से तैयार पैनल का अंतिम सूची पर अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखा।दावा यह भी किया जा रहा है कि गोयल अपने कुछ बेहद करीबी नेताओं के नाम भी अंतिम सूची में शामिल नहीं करा सके।हालांकि टिकट वितरण को लेकर पार्टी की ओर से इस तरह की आंतरिक शक्ति-समीकरण संबंधी कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।‘करीबियों के लिए खुलकर पैरवी नहीं कर पाए गोयल’

भाजपा के अंदरखाने यह भी चर्चा है कि अमित गोयल ने अंतिम चरण में अपने करीबी दावेदारों के लिए खुलकर पैरवी नहीं की।इसके पीछे संगठन के भीतर चल रहे राजनीतिक समीकरण और शीर्ष नेतृत्व की प्राथमिकताओं को वजह माना जा रहा है। अब यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहता है तो उसे संबंधित विधायक के राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड से जोड़कर देखे जाने की संभावना है।

कांग्रेस: चार विधानसभा क्षेत्रों में सुनील शर्मा का प्रभाव

कांग्रेस में शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा टिकट वितरण में प्रभावी भूमिका में दिखाई दिए।बताया जा रहा है कि हवामहल, विद्याधर नगर, झोटवाड़ा और सांगानेर विधानसभा क्षेत्रों में उन्होंने अपनी पसंद के करीब 32 कार्यकर्ताओं और नेताओं को टिकट दिलाने में भूमिका निभाई। हालांकि टिकट वितरण के बाद उनके फैसलों को लेकर भी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी सामने आई और उनके आवास के बाहर प्रदर्शन तक किया गया।

आरआर तिवाड़ी के धरने से खुलकर सामने आई नाराजगी

कांग्रेस में टिकटों को लेकर सबसे प्रमुख विरोध पूर्व शहर अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी की ओर से देखने को मिला। उन्होंने हवामहल विधानसभा क्षेत्र में टिकटों में अंतिम समय पर फेरबदल का आरोप लगाते हुए धरना दिया। तिवाड़ी का आरोप था कि शुरुआती स्तर पर सहमति से तय किए गए कुछ नामों को बाद में बदल दिया गया। इस विरोध ने कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रही नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया।

दोनों दलों में टिकट के साथ तय हुई जवाबदेही

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में अब भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए टिकट वितरण के बाद सबसे बड़ी चुनौती अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की है।भाजपा में जहां विधायकों की पसंद को तरजीह मिलने की चर्चा है, वहीं कांग्रेस में शहर संगठन की भूमिका अधिक प्रभावी दिखाई दी। अब चुनाव परिणाम यह भी बताएंगे कि टिकट वितरण में अपनाए गए इन दोनों अलग-अलग मॉडलों में कौन ज्यादा सफल साबित होता है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved