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September 3, 2026
बीकानेर। नगर निकाय चुनाव के बीच बीकानेर कांग्रेस में टिकट विवाद के दौरान शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की है। कांग्रेस ने पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है।राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव ललित तुनवाल की ओर से 2 सितंबर को जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि बीकानेर शहर जिलाध्यक्ष से प्राप्त शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
वार्ड 50 के चुनाव कार्यालय उद्घाटन के दौरान हुआ था विवाद
मामला बीकानेर नगर निगम के वार्ड नंबर 50 से जुड़ा है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी नवरतन डागा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना सामने आई थी।
मेघवाल ने आरोप लगाया था कि टिकट नहीं मिलने से नाराज मोहित अरोड़ा और उसके साथियों ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर बुलाया और टिकट नहीं देने की बात को लेकर विवाद किया। इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई।
PCC आदेश में दीपक और मोहित अरोड़ा का नाम
प्रदेश कांग्रेस के आदेश में कहा गया है कि जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल की शिकायत के अनुसार कार्यालय उद्घाटन के दौरान पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा, मोहित अरोड़ा तथा अन्य लोगों द्वारा कथित मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया।पीसीसी ने इस आचरण को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में मानते हुए दोनों नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की।
तत्काल प्रभाव से 6 साल का निलंबन
संगठन महासचिव ललित तुनवाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
आदेश की प्रति बीकानेर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की संबंधित शाखा को भेजी गई है।
टिकट नहीं मिलने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मदन गोपाल मेघवाल ने घटना के बाद बताया था कि मोहित अरोड़ा वार्ड 50 से टिकट की मांग कर रहे थे। पार्टी ने यहां नवरतन डागा को प्रत्याशी बनाया।मेघवाल के अनुसार उद्घाटन कार्यक्रम में पहले उनका स्वागत किया गया और बाद में टिकट नहीं मिलने का सवाल उठाया गया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और कथित मारपीट हुई।हालांकि घटना में लगाए गए आरोपों की आपराधिक जिम्मेदारी पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया से तय होगी।
चार युवकों को पुलिस ने किया था डिटेन
घटना के बाद बीकानेर पुलिस ने भी कार्रवाई की थी। बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार चार युवकों को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया था।घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी।
निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस का सख्त संदेश
बीकानेर की घटना ऐसे समय हुई है जब राजस्थान में टिकट वितरण के बाद कांग्रेस को कई निकायों में बागी और नाराज नेताओं का सामना करना पड़ रहा है।पीसीसी की छह साल के निलंबन की कार्रवाई को चुनाव के बीच पार्टी अनुशासन को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस पहले ही अलग-अलग निकायों में टिकट विवाद, बगावत और संगठनात्मक शिकायतों की रिपोर्ट तलब कर चुकी है।

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