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July 17, 2026
जयपुर। जयपुर पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल की कथित रूप से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के नेटवर्क में संलिप्तता सामने आई है। बिन्दायका थाना पुलिस ने जयपुर रिजर्व पुलिस लाइन की सिनेमा शाखा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुमेर सिंह को नागौर जिले से गिरफ्तार किया है।पुलिस ने आरोपी को नागौर के जसनगर थाना क्षेत्र स्थित लीलिया गांव में दबिश देकर पकड़ा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह युवकों को मासिक वेतन पर रखकर ऑनलाइन सट्टे की लाइनें संचालित करवाता था और पैसों के लेन-देन का काम स्वयं संभालता था।
सिरसी रोड के विला से पकड़े गए थे दो युवक
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार, बिन्दायका थाना पुलिस ने 14 जुलाई को सिरसी रोड स्थित बालाजी होम्स के एक विला में दबिश दी थी। वहां दो युवक मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप के माध्यम से लाइव क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाते मिले।
पुलिस ने मौके से सुनील चौधरी और शक्ति सिंह को गिरफ्तार किया। सुनील मूल रूप से जोधपुर के पावटा क्षेत्र का निवासी है, जबकि शक्ति सिंह डीडवाना-कुचामन जिले के खुनखुना का रहने वाला बताया गया है।
जूम एप के जरिए संचालित हो रही थी सट्टे की लाइन
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जूम एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टे की लाइन संचालित कर रहे थे। वे कथित रूप से ‘महाकाल’ और ‘भवानी’ नाम की ऑनलाइन आईडी के जरिए ग्राहकों को सट्टा खेलने की सुविधा उपलब्ध कराते थे।पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, दो टैबलेट, कैलकुलेटर, वाई-फाई राउटर और सट्टे के हिसाब से संबंधित रजिस्टर जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद रिकॉर्ड में करोड़ों रुपये के लेन-देन का हिसाब होने की संभावना है।
पूछताछ में सामने आया हेड कॉन्स्टेबल का नाम
गिरफ्तार सुनील और शक्ति से पूछताछ में हेड कॉन्स्टेबल सुमेर सिंह का नाम सामने आया। दोनों ने पुलिस को बताया कि वे सुमेर सिंह के निर्देशन में काम करते थे और इसके बदले उन्हें करीब 20 हजार रुपये मासिक वेतन तथा अन्य खर्च दिए जाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि सट्टे का संचालन करने के लिए सिरसी रोड क्षेत्र में किराए का विला भी कथित रूप से सुमेर सिंह ने उपलब्ध कराया था। युवकों का काम ऑनलाइन लाइन चलाना था, जबकि ग्राहकों से रुपये लेने और भुगतान करने की जिम्मेदारी सुमेर स्वयं संभालता था।
युवाओं को वेतन का लालच देकर बुलाने का आरोप
प्रारंभिक जांच के अनुसार, क्रिकेट सीजन शुरू होते ही आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं से संपर्क करता था। उन्हें 20 हजार से 50 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन देने का लालच देकर जयपुर बुलाया जाता और किराए के फ्लैट या विला से ऑनलाइन सट्टे का काम कराया जाता था।पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर भी इसी प्रकार सट्टे की लाइनें संचालित करवाई होंगी। इस संबंध में गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
छुट्टी पर चल रहा था आरोपी पुलिसकर्मी
पुलिस के अनुसार, सुमेर सिंह जयपुर रिजर्व पुलिस लाइन में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात है और गिरफ्तारी से पहले तीन-चार दिन से छुट्टी पर चल रहा था।
सट्टे के ठिकाने पर कार्रवाई के बाद वह पुलिस की पकड़ से दूर था। तकनीकी निगरानी और अन्य सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उसका पीछा किया तथा लीलिया गांव में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल, बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड की जांच
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और ऑनलाइन ऐप से संबंधित डेटा की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सट्टे का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोग जुड़े हुए थे।बरामद उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की भी संभावना है। पुलिस ऑनलाइन आईडी, ग्राहकों के विवरण और लेन-देन से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी
डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आपराधिक मामले की जांच के साथ ही हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी अलग से की जाएगी। विभाग यह जांच करेगा कि उसने अपने पद और पुलिस संसाधनों का किसी प्रकार दुरुपयोग किया या नहीं।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सुमेर सिंह कब से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के कारोबार में सक्रिय था, उसके संपर्क किन सटोरियों से थे और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।और गिरफ्तारियां होने की संभावनाबिन्दायका थाना पुलिस ने सुनील चौधरी, शक्ति सिंह, हेड कॉन्स्टेबल सुमेर सिंह और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में नए नाम सामने आने पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।थानाधिकारी विनोद वर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, जब्त रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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