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July 9, 2026
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बारिश के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति मांगते हुए पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर और उनके पैर पकड़कर गुहार लगाई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि लगातार बारिश के कारण भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भीग रहे हैं। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी केवल इतना चाहते हैं कि छात्रों को बारिश से बचाने के लिए अस्थायी टेंट लगाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने दावा किया कि इसी मांग को लेकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया।
दीपके ने एक अन्य वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि तिरपाल लेकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों को पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का दिया। हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांग केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। संगठन का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं।
इस आंदोलन में पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों के अनुसार लगातार 11 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक घटकर 59.4 किलोग्राम रह गया है। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
इधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य और पूर्व जेएनयू छात्र नेता ऋषिकेश की भी भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द और हाथ-पैर सुन्न होने की शिकायत के बाद राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्होंने अपनी 11 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, जबकि संगठन के चार अन्य छात्र अब भी अनशन पर बैठे हुए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत इस वर्ष मई में हुई थी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनुसार, इसकी प्रेरणा भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी से मिली थी, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" से किए जाने की चर्चा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से हुई। इसी के बाद 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से CJP की शुरुआत की और पार्टी के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए।
इसके बाद 22 मई को संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान शुरू किया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला। CJP का दावा है कि इस अभियान को आठ लाख से अधिक लोगों ने समर्थन दिया।
सोशल मीडिया पर भी CJP ने कम समय में बड़ी पहचान बनाई। संगठन के अनुसार, 10 जून तक इंस्टाग्राम पर उसके 2.27 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे। वर्तमान में यह संख्या लगभग दो लाख कम हुई है, लेकिन फिर भी संगठन का दावा है कि उसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के आधिकारिक खातों से अधिक हैं। वहीं, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर CJP के करीब 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं।
जंतर-मंतर पर जारी यह प्रदर्शन अब केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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