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July 9, 2026
करौली। जिले में पिछले कुछ दिनों से पांचना बांध के मुद्दे और सामाजिक तनाव को लेकर बना गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। पांचना बांध संघर्ष समिति ने सरकार और जिला प्रशासन के सकारात्मक रुख तथा त्वरित कार्रवाई के बाद अपने आंदोलन, गुड़ला में चल रहे धरने और चक्काजाम को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा कर दी है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए आंदोलन में एकजुटता दिखाने और सहयोग करने वाले क्षेत्रवासियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। धरना समाप्त होने की घोषणा के बाद फिलहाल करौली जिले में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और सभी मार्गों पर आवागमन सुचारू कर दिया गया है।
सरकार और प्रशासन के सामने रखी थीं मांगें
संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने बताया कि समिति ने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अभद्र, अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग प्रमुख थी।
समिति का कहना था कि ऐसे मामलों में तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, ताकि भविष्य में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास न हो। इसके अलावा खंडीप, कुसाय सहित विभिन्न स्थानों पर अवरुद्ध मार्गों को तुरंत खुलवाने की मांग भी रखी गई थी। संघर्ष समिति ने इन मांगों को लेकर सरकार और जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
समिति के अनुसार, प्रशासन और पुलिस ने तय समय सीमा के भीतर संवेदनशील स्थानों पर लगे जाम हटवाए और यातायात व्यवस्था को बहाल कराया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वैमनस्य फैलाने और अमर्यादित टिप्पणियां करने के आरोपों से जुड़े मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं।
प्रशासन ने संघर्ष समिति को आश्वस्त किया है कि चिन्हित आरोपियों के खिलाफ विधि अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी आश्वासन और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद संघर्ष समिति ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
इंटरनेट सेवाएं जल्द बहाल होने की उम्मीद
पांचना बांध विवाद और संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करौली जिले के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं। प्रशासन का उद्देश्य अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकना था।
अब धरना और चक्काजाम समाप्त होने तथा स्थिति सामान्य होने के बाद माना जा रहा है कि प्रशासन जल्द ही इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने पर निर्णय ले सकता है। इंटरनेट बंद होने से आमजन, विद्यार्थियों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शांति और आवागमन बनाए रखने की अपील
संघर्ष समिति ने सभी आंदोलनकारियों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और कहीं भी सड़क मार्ग अवरुद्ध न करें। समिति ने कहा कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात और आवागमन पूरी तरह सुचारू रहने दिया जाए, ताकि राहगीरों, मरीजों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को परेशानी न हो।
फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पांचना बांध से जुड़े विवाद के बाद अब प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और सामान्य जनजीवन को पूरी तरह बहाल रखने पर है।
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