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June 30, 2026
जगन गुर्जर हत्याकांड पर गरमाया माहौल, परिजनों के धरने के बाद लिखित सहमति; वीडियोग्राफी में होगा पोस्टमॉर्टम,
जगन गुर्जर हत्याकांड पर परिजनों का धरना, लिखित सहमति के बाद पोस्टमॉर्टम को राजी
अजमेर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हार्डकोर बंदी डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामला लगातार गरमाता रहा। मंगलवार को मृतक के परिजन जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए और मांगें पूरी नहीं होने तक पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सीबीआई जांच की मांग और जेल में बंद जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के मद्देनजर दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग उठाई।
मृतक जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या सामान्य घटना नहीं, बल्कि जेल की बड़ी सुरक्षा चूक और साजिश का परिणाम है। परिजनों का कहना था कि हाई सिक्योरिटी जेल जैसे कड़े सुरक्षा घेरे में एक बंदी की हत्या कैसे हो गई, यह जांच का बड़ा विषय है। परिवार ने जेल प्रशासन की भूमिका, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
परिजनों की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम सौंपे गए मांग पत्र में आरोप लगाया गया कि जगन गुर्जर की हत्या विष्णु उर्फ बौना और अन्य लोगों द्वारा जेल प्रशासन की मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से की गई। मांग पत्र में कहा गया कि जगन गुर्जर मजबूत कद-काठी का था और एक व्यक्ति द्वारा उसकी हत्या किया जाना संदिग्ध लगता है। परिजनों ने घटना के समय जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच, कैमरे बंद होने की स्थिति में न्यायिक जांच और जेल प्रशासन के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
धरने की सूचना मिलते ही जेएलएन अस्पताल परिसर और मॉर्च्युरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों से लगातार समझाइश की। लंबी वार्ता के बाद परिजनों और प्रशासन के बीच कुछ बिंदुओं पर लिखित सहमति बनी, जिसके बाद परिवार पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हुआ।
वार्ता में शामिल प्रहलाद खटाना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन ने गंभीरता से संवाद किया और परिवार की मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी के तहत कराया जाएगा। साथ ही मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में आगे बढ़ेगी। अधिकारियों की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और परिवार को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश होगी।
खटाना ने बताया कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के मद्देनजर धौलपुर या भरतपुर जेल में शिफ्ट करने को लेकर भी सहमति बनी है। हालांकि अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। परिवार की यह भी मांग है कि पप्पू गुर्जर और अन्य भाइयों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। इस दिशा में भी प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
वहीं मृतक के बेटे आसाराम की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार आसाराम के घर पर पुलिस सुरक्षा लगाई गई है और आवश्यकता के अनुसार आगे भी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। परिजनों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देगी, तब तक वे मामले को आगे उठाते रहेंगे।
परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग भी रखी गई है। इस पर प्रशासनिक स्तर से आश्वासन दिया गया कि पहले न्यायिक और पुलिस जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अगर परिवार जांच से संतुष्ट नहीं होता है, तो आगे उच्च स्तरीय जांच या सीबीआई जांच की सिफारिश को लेकर भी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन गुर्जर की कथित तौर पर तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर हत्या का आरोप है। जगन गुर्जर का नाम चंबल क्षेत्र में कई गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है।
हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिजनों के धरने, लिखित मांगों और प्रशासनिक सहमति के बाद सभी की नजर जांच पर टिकी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पूरे मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि जगन गुर्जर की मृत्यु के मामले में गुर्जर समाज और परिजनों की ओर से धरना दिया जा रहा था। परिजनों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता की गई। वार्ता के दौरान परिजनों ने अपनी सभी बातें और मांगें रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया।
एएसपी जांगिड़ ने बताया कि मामले में दर्ज मुकदमे के साथ-साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भी जांच की जा रही है। परिजनों ने इस जांच के संबंध में भी अपना पक्ष रखा है। वार्ता के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है।
उन्होंने बताया कि मृतक जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, जो जेल में बंद हैं, उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही धौलपुर जेल में बंद परिवार के अन्य दो सदस्यों को भी अंतिम संस्कार में शामिल करवाने की प्रक्रिया की जा रही है।
जेल कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एएसपी ने कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह नियमानुसार की जाएगी। इसके अलावा परिजनों ने जगन गुर्जर के अंतिम मुकदमे को लेकर भी जांच की मांग रखी है। इस संबंध में धौलपुर एसपी द्वारा जांच करवाने का आश्वासन दिया गया है।
परिवार की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि यदि परिजनों को किसी से खतरा है, तो वे इस संबंध में धौलपुर एसपी को लिखित में आवेदन दे सकते हैं। थ्रेट परसेप्शन के आधार पर आवश्यकता होने पर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। वार्ता में बनी सहमति के बाद परिजनों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की है और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई जारी है
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