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May 29, 2026
जयपुर। जयपुर के चर्चित ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर निवासी दिशा बाबला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पर एक एआई सॉफ्टवेयर कंपनी के मालिक को फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर 50 लाख रुपये तथा करीब 7 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को अपने नाम करवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि महिला पूर्व में भी पीड़ित से करीब 90 लाख रुपये वसूल चुकी है।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 29 अप्रैल को परिवादी विमल कुमार डागा ने महेश नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी महिला फोटो और वीडियो के आधार पर लगातार ब्लैकमेल कर भारी रकम की मांग कर रही थी।
पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए जोधपुर के कमला नेहरू नगर प्रथम विस्तार निवासी दिशा बाबला को गिरफ्तार किया। अदालत ने आरोपी महिला को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार दिशा बाबला कुछ समय पहले जयपुर स्थित पीड़ित की एआई सॉफ्टवेयर कंपनी में इंटर्नशिप के लिए आई थी। इसी दौरान उसने कंपनी मालिक से नजदीकियां बढ़ाईं और कथित रूप से उनके फोटो तथा वीडियो अपने पास सुरक्षित कर लिए। बाद में इन्हीं फोटो-वीडियो को पीड़ित के परिचितों और कंपनी स्टाफ को भेजकर दबाव बनाने और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू किया गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला ने पीड़ित के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी थीं। पहली शर्त 50 लाख रुपये नकद देने की थी। दूसरी शर्त कंपनी के लगभग 7 करोड़ रुपये मूल्य के एआई प्रोजेक्ट को उसके नाम हस्तांतरित करने की थी। पुलिस के अनुसार महिला ने इस प्रोजेक्ट को विदेश में ऊंची कीमत पर बेचने की कथित योजना भी बना रखी थी। तीसरी शर्त उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला के खिलाफ पहले से मुहाना और महेश नगर थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2025 में भी इसी प्रकार की ब्लैकमेलिंग के जरिए लगभग 90 लाख रुपये की वसूली का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस अदालत में चालान पेश कर चुकी है। उस मामले में आरोपी महिला राजस्थान हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत प्राप्त कर चुकी है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं। जांच एजेंसियां आरोपी के संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं।
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