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May 29, 2026
डेजर्ट सफारी हादसे के बाद पुलिस-परिवहन विभाग हरकत में, अवैध थार जीपों पर कार्रवाई शुरू—मौके से गायब मिले वाहन संचालक
पुष्कर के रेतीले धोरों में संचालित डेजर्ट सफारी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने और उदयपुर से आए 18 पर्यटकों के घायल होने के बाद अब पुलिस और परिवहन विभाग हरकत में नजर आया है। हादसे के बाद शुक्रवार को पुष्कर थाना पुलिस और अजमेर परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने नया मेला मैदान क्षेत्र और आसपास के रेतीले धोरों का निरीक्षण किया। टीम का उद्देश्य अवैध रूप से संचालित थार जीपों और डेजर्ट सफारी वाहनों पर कार्रवाई करना था।
हालांकि निरीक्षण के दौरान कोई भी थार जीप रेतीले धोरों में दौड़ती हुई नजर नहीं आई। माना जा रहा है कि कार्रवाई की भनक लगते ही कई वाहन संचालक मौके से फरार हो गए। ऐसे में यह कार्रवाई कितनी प्रभावी होगी और कितने दिन तक चलेगी, इस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। कार्रवाई के दौरान पुष्कर थाना सीआई विक्रम सिंह, अजमेर परिवहन विभाग के निरीक्षक राहुल गंगवाल सहित पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने नया मेला मैदान क्षेत्र में पहुंचकर अवैध थार जीपों के संचालन को लेकर स्थिति का जायजा लिया।अजमेर परिवहन विभाग के निरीक्षक राहुल गंगवाल ने बताया कि पुष्कर में अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से संयुक्त अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के समय कोई वाहन संचालित होता हुआ नहीं पाया गया, लेकिन भविष्य में भी चेकिंग अभियान जारी रहेगा। यदि कोई वाहन नियमों के विरुद्ध संचालित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राहुल गंगवाल ने बताया कि पुष्कर में दो तरह के वाहन संचालित होते हैं। कुछ वाहन टैक्सी परमिट के साथ चलते हैं, जबकि कुछ निजी वाहन किराया लेकर पर्यटकों को सफारी कराते हैं। निजी वाहनों का इस प्रकार व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है। ऐसे वाहनों के खिलाफ अलग से कार्रवाई की जा सकती है। वहीं टैक्सी परमिट वाले वाहनों के लिए फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस और अन्य दस्तावेज वैध होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि टैक्सी वाहन पर्यटकों को घुमाने के लिए संचालित किए जा सकते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षित तरीके से चलाया जाना चाहिए। खतरनाक स्टंट, तेज रफ्तार या लापरवाही से वाहन चलाना पूरी तरह गलत है। यदि वाहन मॉडिफाई किया गया है या उसके दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पुष्कर के धोरों में लंबे समय से डेजर्ट सफारी के नाम पर थार जीपों और अन्य वाहनों का संचालन किया जा रहा है। कई बार पर्यटकों को रोमांच के नाम पर तेज रफ्तार, खतरनाक मोड़ और स्टंट कराए जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। हाल ही में हुए हादसे ने इस अव्यवस्था की पोल खोल दी, जिसमें उदयपुर के 18 पर्यटक घायल हो गए थे।स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसों के बाद कुछ दिनों तक कार्रवाई होती है, लेकिन फिर पुराने ढर्रे पर अवैध संचालन शुरू हो जाता है। यही वजह है कि इस बार भी संयुक्त टीम की कार्रवाई को लेकर लोगों के मन में संदेह है। सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस और परिवहन विभाग इस अभियान को लगातार जारी रखेंगे या यह कार्रवाई भी कुछ दिनों की खानापूर्ति बनकर रह जाएगी।पुष्कर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि अवैध और असुरक्षित डेजर्ट सफारी वाहनों पर समय रहते सख्त नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में फिर कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब देखना होगा कि पुलिस और परिवहन विभाग की यह कार्रवाई स्थायी सुधार की दिशा में कदम साबित होती है या केवल हादसे के बाद की औपचारिकता बनकर रह जाती है।
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