Post Views 41
May 20, 2026
संविधान और अल्पसंख्यको SC,ST,OBC,आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा को लेकर 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
अजमेर। देश में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं, मॉब लिंचिंग, धार्मिक स्थलों पर हमलों तथा अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर 11 सूत्रीय मांगों पर त्वरित कार्यवाही की मांग की गई। ज्ञापन में संविधान, सामाजिक न्याय, धार्मिक स्वतंत्रता एवं नागरिक समानता की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
रियाज अहमद मंसूरी ने बताया कि देश के वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक माहौल में संविधान के मूल सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर लगातार आघात हो रहा है। प्रतिनिधियों ने कहा कि मॉब लिंचिंग, फर्जी गौकशी के नाम पर हिंसा, धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने तथा धार्मिक स्थलों पर हमलों जैसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर रही हैं।
ज्ञापन में हाल ही में चलती ट्रेन में बिहार के मुफ्ती तौसीफ रजा की हत्या सहित कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही धार्मिक आधार पर हिंसा और नफरत फैलाने वाले संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग उठाई गई।
प्रतिनिधियों ने अपने 11 सूत्रीय मांगपत्र में संविधान विरोधी बताए गए कानूनों को वापस लेने, धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े अनुच्छेद 25, 26, 27, 28 और 29 का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने, मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने तथा बेगुनाह मुस्लिम युवाओं और उलमा की निष्पक्ष जांच कर रिहाई की मांग रखी।
इसके अलावा कम्यूनल वायलंस प्रिवेंशन एक्ट लागू करने, मस्जिद, मदरसा, दरगाह एवं अन्य इबादतगाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का कठोर पालन कराने तथा अनुच्छेद 341(3) से संबंधित पाबंदियों को समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन में एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक समाज की जाति आधारित जनगणना कर जनसंख्या अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा गोपाल सिंह, सच्चर, मिश्रा और कुंडू आयोग की लंबित सिफारिशों को लागू करने की भी अपील की गई।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी सभी मांगें लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में हैं और इनका उद्देश्य देश में सामाजिक न्याय, भाईचारा और समान नागरिक अधिकारों को मजबूत करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की।
रियाज़ अहमद मंसूरी,यासीन खान, अमज़द घोसी,अब्दुल फरीद हाजी कुतबू द्दीन,नूर मो,बसरुद्दिन मंसूरी,मो,शाकिर ,रुस्तम घोसी,रफीक मो,रियाजउद्दीन,प्रेम सिंह खाट,प्रेम प्रकाश उममरवाल,राम गिरी महाराज,निरंजन,तिहारी लाल,प्रेम लता साकेत,गोदावरी देवी,अर्जन सिंह,अभय सिंह कुमावत,रविन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved