For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 129778040
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: तारागढ़ की तलहटी में करें ध्यान, 3 करोड़ की लागत से बनेगा आध्यात्मिक केन्द्र |  Ajmer Breaking News: कड़ी सुरक्षा में चार हार्डकोर अपराधी जेएलएन अस्पताल लाए गए, इलाज के बाद वापस जेल भेजे गए |  Ajmer Breaking News: दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे पर कोर्ट में गरमाई बहस, 12 पक्षकारों की एंट्री पर टिकी नजरें, अगली सुनवाई 6 मई को  |  Ajmer Breaking News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विरुद्ध की गई अश्लील अभद्र टिप्पणी वाले मामले में कांग्रेस नेता पियूष सुराणा को मिली जमानत, |  Ajmer Breaking News: सिंधी लेडीज क्लब द्वारा आयोजित “कैरैक्टर कार्निवल” कार्यक्रम शहर में उत्साह, रचनात्मकता और सांस्कृतिक रंगों का शानदार संगम बनकर सामने आया।  |  Ajmer Breaking News: अजयमेरू लेडीज सोशल सोसाइटी ने अपने सत्र की शुरुआत की |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में दिनदहाड़े बैग स्नैचिंग का प्रयास, CCTV में कैद हुए बाइक सवार बदमाश |  Ajmer Breaking News: गैस लीकेज से दर्दनाक हादसा: खाना बनाते वक्त महिला झुलसी, बचाने आए पति-देवर भी घायल |  Ajmer Breaking News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर अजमेर के कांग्रेसी नेता द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी का मामला पहुंचा थाने में, |  Ajmer Breaking News: वार्ड संख्या 41 में स्कूल के पुराना भवन को तोड़ने ओर अभी तक नए भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं किए जाने से नाराज बच्चों ने भीषण गर्मी में विरोध प्रदर्शन किया। | 

राजस्थान न्यूज़: आरजीएचएस योजना पर संकट गहराया, मानवाधिकार आयोग ने लिया सुओ मोटो संज्ञान, 2200 करोड़ भुगतान अटका

Post Views 41

May 2, 2026

अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और केमिस्टों को पिछले 8 से 9 महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। कुल बकाया राशि लगभग 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी आरजीएचएस योजना इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी प्रभावित हो रहे हैं। जो योजना कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू की गई थी, वही अब खुद व्यवस्था के अभाव में चरमराती नजर आ रही है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे मामले पर सुओ मोटो संज्ञान लेते हुए इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

1 मई 2026 को जारी आदेश में आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सूचीबद्ध अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों से इलाज से वंचित किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमारी के दौरान समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। आयोग के अनुसार, योजना का उद्देश्य मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं और दवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन हाल के महीनों में इसके क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं सामने आई हैं।

इस संकट की मुख्य वजह सरकार पर बकाया भारी भुगतान को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और केमिस्टों को पिछले 8 से 9 महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। कुल बकाया राशि लगभग 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। भुगतान में देरी के चलते कई निजी अस्पतालों ने योजना से दूरी बना ली है, जबकि कई जगहों पर कैशलेस सुविधा बंद कर दी गई है, जिससे मरीजों को मजबूरन अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है।

प्रदेश के विभिन्न शहरों—जयपुर, जोधपुर और बीकानेर—में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है, जहां लाभार्थियों को दवाइयों के लिए ‘नो स्टॉक’ या ‘कैशलेस सेवा बंद’ जैसे जवाब मिल रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों में इस बात को लेकर खासा रोष है कि उनकी सैलरी से हर महीने RGHS के लिए कटौती तो हो रही है, लेकिन जरूरत के समय उन्हें बुनियादी इलाज तक नहीं मिल पा रहा।

अब इस पूरे मामले में नजरें भजनलाल शर्मा सरकार पर टिकी हैं। मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद शासन सचिवालय में हलचल तेज हो गई है। आयोग ने सरकार से भुगतान में देरी के कारणों, जिम्मेदारियों और व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए ठोस रोडमैप प्रस्तुत करने को कहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस वित्तीय और प्रशासनिक संकट से कैसे निपटती है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved