Post Views 01
April 28, 2026
जयपुर/माधोगढ़। राजस्थान की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए किया गया एक अनोखा ‘जुगाड़’ एक ग्रामीण के लिए परेशानी का सबब बन गया। माधोगढ़ गांव में एक ग्रामीण करीब दो घंटे तक धातु के दूध के डिब्बे में फंसा रहा। कड़ी मशक्कत और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।जानकारी के अनुसार, कालूराम रेबारी खेतों की ओर काम के लिए जा रहे थे। चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी से बचने के लिए उन्होंने लगभग 15 लीटर क्षमता और करीब 10 किलोग्राम वजन वाले बड़े धातु के दूध के डिब्बे को अपने सिर पर रख लिया। कुछ देर बाद उन्होंने उसे पूरी तरह सिर पर खींच लिया, ताकि धूप से राहत मिल सके।लेकिन यह उपाय जल्द ही मुसीबत में बदल गया। डिब्बा उनके सिर में इस तरह फंस गया कि लाख कोशिशों के बावजूद बाहर नहीं निकल सका। खुद को फंसा महसूस करते ही कालूराम घबरा गए और उन्होंने आसपास के ग्रामीणों से मदद मांगी।ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पहले डिब्बा निकालने की कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। वहां ग्रामीणों ने आवश्यक उपकरण जुटाए और बेहद सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रामीणों ने बड़ी सावधानी से डिब्बे के ऊपरी हिस्से को काटा। इस दौरान कालूराम को पूरी तरह स्थिर रखा गया, ताकि उन्हें कोई चोट न पहुंचे। जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने कालूराम को डिब्बे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस अनोखी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।कुछ लोगों ने कालूराम के सुरक्षित बचने पर राहत जताई, तो कई लोगों ने इस तरह के जोखिम भरे व्यवहार की आलोचना की। वहीं कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर व्यूज़ और लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे स्टंट करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए।भीषण गर्मी के बीच यह घटना लोगों के लिए एक सीख बन गई है कि राहत पाने के लिए अपनाया गया कोई भी उपाय सोच-समझकर ही किया जाना चाहिए।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved