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April 11, 2026
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब प्रदेश के हर जिले में अपराधों की मासिक श्रेणीवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें यह विश्लेषण किया जाएगा कि किस जिले में कौन-सा अपराध बढ़ा या घटा है और उसी के अनुसार रणनीति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान में अपराध और भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होंगे और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को जयपुर स्थित पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। यह पहला मौका था जब मुख्यमंत्री ने सीधे PHQ में जाकर इस स्तर की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिला पुलिस अधीक्षक नियमित जनसुनवाई करें, ताकि आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही, आईजी स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हर महीने जिलों का दौरा कर अपराध स्थिति का मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए गए।
डेटा आधारित पुलिसिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब प्रवृत्ति आधारित अपराधों (ट्रेंड एनालिसिस) का अध्ययन कर रोकथाम की रणनीति बनाई जाएगी। पुलिसिंग को परिणाम आधारित बनाने के लिए हर कार्रवाई की मॉनिटरिंग की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी। इससे अपराध नियंत्रण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेगी।
साइबर क्राइम, ड्रग्स और बॉर्डर एरिया पर विशेष फोकस
बैठक में साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष टारगेट तय किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में सख्ती से कार्रवाई कर प्रदेश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार ने जनता को सुरक्षित वातावरण देने का जो वादा किया है, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।
बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, सभी रेंज आईजी, जिलों के एसपी और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी
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