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April 11, 2026
जयपुर। राजस्थान में पेट्रोलियम पाइपलाइन से कच्चे तेल की संगठित चोरी के मामले में खुलासा हुआ है। एसओजी की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। एसओजी के एडीजी विशाल बंसलl ने बताया कि गिरफ्तार सरगना राजीव सिंगर से पूछताछ में तेल चोरी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कच्चा तेल बेहद कम कीमत पर बेचा जा रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका संपर्क रेवाड़ी में एक टैंकर चालक से हुआ, जो पाइपलाइन से चोरी किया गया तेल बाजार मूल्य (करीब 70 रुपये प्रति लीटर) से काफी कम, मात्र 29 रुपये प्रति लीटर में बेच रहा था। बाद में राजीव ने उससे 31 रुपये प्रति लीटर में गाजियाबाद तक तेल सप्लाई का सौदा किया और नेटवर्क मजबूत होने पर 35 रुपये प्रति लीटर तक खरीद बढ़ा दी। यह पूरा रैकेट संगठित तरीके से लंबे समय से संचालित हो रहा था।
36 टैंकर तेल चोरी, 7 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहायक प्रबंधक हेमंत गोयल ने पाइपलाइन से तेल चोरी की शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि शाहजहांपुर क्षेत्र में 10 नवंबर 2024 से 5 जनवरी 2025 के बीच पाइपलाइन से 36 टैंकर कच्चा तेल चोरी किया गया।
एसओजी ने अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में महावीर, सुदीप जिंदल उर्फ सुदीप लाला, अशोक कुमार चौहान, विजयपाल सिंह चौहान, दिनेश राठी, विजय सिंह और सरगना राजीव सिंगर शामिल हैं।
25 हजार के इनामी आरोपी की तलाश जारी
इस मामले में एक अन्य आरोपी अर्जुन उर्फ बलजीत सिंह उर्फ टोनी फरार है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसओजी उसकी तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल राजीव सिंगर से रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठिकानों का पता लगाया जा सके।यह मामला न केवल संगठित अपराध का उदाहरण है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
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