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April 4, 2026
अजमेर में ‘मौलायत कमेटी मरकज’ की पहली बैठक संपन्न, देशभर के सूफियों और खानकाहों को एक मंच पर लाने का संकल्प.
सच्चे दीन के प्रचार-प्रसार और विश्व स्तर पर सूफी विचारधारा को फैलाने की दिशा में बड़ा कदम
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अजमेर में सूफी इस्लामिक बोर्ड और सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर ‘मौलायत कमेटी मरकज अजमेर’ की पहली औपचारिक बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कमेटी के विस्तार, संगठन को मजबूत करने और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
फरवरी 2026 में गठित इस कमेटी की बैठक में सभी वर्तमान सदस्यों ने भाग लिया, साथ ही कई नए चेहरों को भी आमंत्रित किया गया, जो आने वाले समय में इस मिशन को आगे बढ़ाएंगे। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कमेटी का विस्तार करते हुए 20 नए सदस्यों को जोड़ा जाएगा, जिनमें जालंधर की मौलाई कमेटी और दिल्ली की अहले बैत कमेटी जैसे प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बैठक के दौरान कमेटी ने अपने मूल उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य देशभर में ‘सच्चे दीन’ (True Islam) का प्रचार-प्रसार करना है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस्लाम के नाम पर फैली भ्रांतियों और कुरीतियों को दूर कर लोगों को सही और वास्तविक मार्ग की ओर प्रेरित किया जाएगा।
कमेटी के उपाध्यक्ष मंसूर खान ने कहा कि मीटिंग में समस्त सदस्यों ने यह भी संकल्प लिया कि देशभर के सभी मौलाइयों, खानकाहों और दरगाहों को एक मंच पर लाया जाएगा, विशेष रूप से वे स्थान जहां “मन कुंतो मौला फ़ा हाज़ा अली उन मौला” की सदाएं गूंजती हैं। इस मुहिम से जुड़े सदस्य पिछले 15 वर्षों से मौलायत के कार्य में सक्रिय हैं और कई महत्वपूर्ण धार्मिक शास्त्रार्थ (मुनाज़रे) भी कर चुके हैं।
कमेटी के प्रतिनिधियों में एडवोकेट सूफी अनवर शेख (गुजरात),दौलत खान (कर्नाटक) ने देश और दुनिया भर के मौलाइयों से आह्वान करते हुए कहा कि वे इस मिशन से जुड़कर सच्चे दीन की रोशनी को आम करें और समाज में एकता, भाईचारे और सही मार्ग का संदेश फैलाएं।
ग्लोबल विजन:
कमेटी के अध्यक्ष सैयद गफ्फार हुसैन और उपाध्यक्ष सूफी राज जैन ने बताया कि
इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस मिशन को केवल भारत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे विश्व स्तर (Worldwide) पर फैलाया जाएगा, ताकि सूफी संदेश और इंसानियत की भावना हर कोने तक पहुंचे।
बैठक का समापन “भारतीयता जिंदाबाद” के जोशीले नारे के साथ हुआ, जो सूफी विचारधारा और राष्ट्रभक्ति के समन्वय को दर्शाता है।
दरगाह में कमेटी का हुआ सम्मान:
कमेटी के लगभग 40 सदस्यों को हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि के आस्ताना शरीफ के सामने आहता नूर परिसर में दस्तारबन्दी भी की गई और गणमान्य सदस्यों ने ख़ुद्दामें ख्वाजा और खासो आम ज़ायरीन के बीच अपने अपने विचार रखे।
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