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April 4, 2026
उदयपुर | गोगुंदा इलाके के लोसिंग गांव में पिछले तीन दिनों से फैला लेपर्ड का खौफ शनिवार सुबह खत्म हो गया। खेत में गेहूं काट रहे 55 वर्षीय तुलसीराम पालीवाल पर अचानक लेपर्ड ने हमला किया था। हमला इतना तेज था कि उनकी गर्दन पर पंजे के निशान लग गए। लेकिन पास के पेड़ पर बैठे बंदरों के शोर और आक्रामक तेवर ने लेपर्ड का ध्यान भटकाया और किसान सुरक्षित बच गए।
घटना के बाद पूरे गांव में डर का माहौल बन गया था। किसान अकेले खेत पर जाने से डरने लगे थे। वन विभाग की टीम ने हमला स्थल के पास पिंजरा लगाया। तीसरे दिन शनिवार सुबह, शिकार के लालच में लेपर्ड उसी पिंजरे में घुस गया और कैद हो गया।
वन विभाग ने तुरंत किया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही वन अधिकारी लालसिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लेपर्ड को अब उदयपुर ले जाया जाएगा, जहां फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के डॉक्टर उसका मेडिकल करेंगे। इसके बाद उसे इंसानी बस्ती से दूर जंगल में छोड़ दिया जाएगा। लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद गांव वालों ने राहत की सांस ली। हर कोई उस जानवर को देखना चाहता था जिसने पूरे इलाके में डर फैलाया था। तुलसीराम ने भी कहा कि अगर उस दिन पेड़ पर बंदर नहीं होते और वे नीचे नहीं कूदते, तो शायद आज वह जिंदा नहीं होते।
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