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April 1, 2026
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रामजल सेतु लिंक परियोजना को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को तेजी से काम करने और परियोजना को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित इस बैठक में उन्होंने बताया कि परियोजना की डीपीआर का तकनीकी परीक्षण केन्द्रीय जल आयोग द्वारा पूरा कर लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के वित्त पोषण के लिए पीआईबी नोट को शीघ्र अंतिम रूप देने और केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, इसलिए सभी कार्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने परियोजना के विभिन्न घटकों में प्रगति की समीक्षा करते हुए नियमित मॉनिटरिंग, मासिक प्रगति रिपोर्ट और सतत पर्यवेक्षण के निर्देश भी दिए। साथ ही परियोजना से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। उन्होंने बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर), ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ (जयपुर), खुरा चैनपुुरा से जयसमंद (अलवर) एवं ब्राह्मणी बैराज के कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। शर्मा ने परियोजना के विभिन्न घटकों के अलाइनमेंट की जानकारी भी ली और परियोजना से संबंधित समस्त कार्यों का सघन पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शर्मा को अवगत कराया कि नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रामगढ़ बैराज एवं महलपुर बैराज के काफर डेम एवं डेªनेज फीडर का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने नवनेरा बैराज से मेज एनीकट के डूब क्षेत्र तक फीडर निर्माण एवं चम्बल एक्वाडक्ट के निर्माण कार्य, मेज एनीकट से गलवा बांध के डूब क्षेत्र तक फीडर ड्रेन, गलवा बांध से ईसरदा डूब क्षेत्र और बीसलपुर डूब क्षेत्र फीडर निर्माण की प्रगति से भी अवगत कराया।
इस दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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