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March 31, 2026
श्रीमती प्रतिमा परांजपे के निधन पर जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज को किया देह दान“एक जीवन, एक सेवा, और एक अमिट विरासत”
आज, दिनांक 31 मार्च 2026 को प्रातःकाल, श्रीमती प्रतिमा जी परांजपे का निधन हो गया। उनके निधन से समाज और संघ कार्यों में एक अपूरणीय क्षति हुई है।
उनकी आखरी इच्छा अनुसार उनका पार्थिव देह जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज को अध्ययन एवम शोध हेतु समर्पित किया गया
श्रीमती प्रतिमा जी संघ के स्वयंसेवकों को मातृवत् स्नेह और सेवा से संचित करती थीं। उनका यह स्नेह इतना गहरा था कि कई स्वयंसेवक और सेविकाएँ, उनकी इस मातृवत् पहचान और स्नेह के कारण, संघ के व्रत का अंगीकार करने लगे। बहुतों ने स्वयंसेवक बनकर, तो कई सेविकाएँ समिति की सदस्य बनकर, उनके दिखाए मार्ग पर चल पड़ीं।
उनका योगदान केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं था, बल्कि राष्ट्रसेविका समिति की स्थापना भी उनके द्वारा अजमेर में की गई थी। उनकी दिशा-निर्देशन में सैकड़ों सेविकाएँ तैयार हुईं, जिन्होंने समाज में बदलाव लाने का अद्वितीय कार्य किया।
उन्होंने अपने पार्थिव शरीर को मानवता की सेवा के लिए जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के छात्रों के शोध हेतु समर्पित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ अनिल सामरिया सहित एनेटोमी के विभागाध्यक्ष डॉ विकास सक्सेना उनके रेसिडेंट डॉक्टर्स व स्टाफ के साथ उपस्थित थे
शहर के गणमान्य लोगो में
सुनील दत्त जैन, डा अशोक कलवार, सोमरत्न आर्य संघ के पदाधिकारी गण, डॉ राजेश खत्री, डा अरविंद खरे, डॉ भास्कर, डॉ श्याम भूतडा, डा लाखन पोसवाल, डॉ कमलेश तनवानी सहित परिवार के लोग उपस्थित रहे
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