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March 16, 2026
माहे रमज़ान मुबारक़ की ताक़ रातों में सबसे अफ़ज़ल लैलातुल कद्र की अज़ीम शब है। इस रात सुबह सादिक तक अल्लाह की अपने बन्दों पर सलामती ही सलामती नाज़िल होती है। इसी लिए इस शब को हज़ार रातों की इबादत से भी अफ़ज़ल कहा जाता है। अजमेर शरीफ दरगाह में लैलातुल कद्र के मौके पर खासी रौनक देखी जा रही है। मुल्क भर ज़ायरीन सुल्तानुल हिन्द हज़रत ख्वाजा ग़रीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि के दरबार मे पहुंच रहे है। लैलातुल कद्र के मौके पर शब गुजारी के लिए मुल्क के नामवर शख़्सियत का ख्वाजा साहब की दरगाह अजमेर में पहुचने का सिलसिला भी बरक़रार है। मुल्क के मशहूर ओ मारूफ पीरे तरीक़त अब्दुल मन्नान शैख़ भी अजमेर पहुंचे है ,जहां उन्होंने ख्वाजा साहब की बारगाह में अक़ीदत का नज़राना पेश किया और मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। मन्नान साहब को दरगाह में ज़ियारत ख़ादिम सैय्यद आरिफ हुसैन उस्मानी अशरफी चिश्ती ने कराई और दस्तारबन्दी कर तबर्रुक पेश किया।
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