Post Views 01
March 6, 2026
भारत सरकार के तत्वावधान में संचालित नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) के अंतर्गत जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर में शुक्रवार को लैब टेक्नीशियन एवं चिकित्सकों की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मेडिकल कॉलेज के न्यू सेमिनार हॉल में आयोजित हुई।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे के मार्गदर्शन में किया गया। डॉक्टर अनिल सामरिया ने बताया कि कार्यशाला में हेपेटाइटिस की रोकथाम, जांच, उपचार तथा राष्ट्रीय कार्यक्रम के नवीनतम अपडेट्स पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिससे कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा घोषित कार्यक्रम हेपेटाइटिस बी एवं सी का 2030 तक उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए नोडल अधिकारी डॉ. गीता परिहार ने बताया कि कार्यशाला के दौरान एनवीएचसीपी के अंतर्गत चल रही गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों तथा हेपेटाइटिस की समय पर पहचान एवं आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा की गई।
मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. ज्योत्सना चंदवानी ने बताया कि इस अवसर पर अजमेर के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. एम.पी. शर्मा तथा डॉ. मुनेश मीणा ने हेपेटाइटिस से संबंधित नवीन शोध, उपचार प्रोटोकॉल एवं रोग प्रबंधन पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा कर्मियों को हेपेटाइटिस से संबंधित नवीनतम शोध, उपचार पद्धतियों एवं राष्ट्रीय कार्यक्रम की रणनीतियों से अवगत कराना था, ताकि रोग की प्रभावी रोकथाम, शीघ्र पहचान एवं बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य डॉ अनिल सामरिया, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, डॉ. गीता परिहार, डॉ. श्याम भूतड़ा, डॉ. संजीव माहेश्वरी, डॉ. अमित यादव, डॉ. सुनील माथुर, डॉ. एम.पी. शर्मा, डॉ. कमलेश तनवानी, डॉ. महेंद्र खन्ना, सीएमएचओ डॉ ज्योत्सना रंगा, तथा समस्त संकाय सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved