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February 14, 2026
चूरू। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाया है। कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा के अनुसार प्रदेश में करीब 15 हजार ऐसे लोगों का फसल बीमा प्रीमियम काटा गया, जिनके नाम पर कोई जमीन ही दर्ज नहीं है। इन फर्जी किसानों के नाम पर कुल 1150 करोड़ रुपए का क्लेम पास किया गया है। यह बीमा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों के नाम पर किया गया था।
शुक्रवार को मीणा चूरू जिले के सालासर स्थित स्टेट बैंक ऑफ़ इंडियाकी शाखा पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ सालासर ब्रांच में ही 71 ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनका बीमा प्रीमियम काटा गया, जबकि वे वास्तविक किसान नहीं हैं। मंत्री ने जमाबंदी की प्रतियां दिखाते हुए कहा कि इन व्यक्तियों के नाम पर न तो कोई खसरा नंबर दर्ज है और न ही जमीन का रिकॉर्ड मौजूद है। उन्होंने बताया कि इन 71 लोगों को 12-12 लाख रुपए, यानी करीब 9 करोड़ रुपए का भुगतान प्रस्तावित था और प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी।
किसान और पिता का नाम एक जैसा
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सूची में कई मामलों में किसान और उनके पिता का नाम एक जैसा दर्ज है, जो संदेह पैदा करता है। उन्होंने बताया कि इनका बीमा एआईसी (AIC) कंपनी के माध्यम से किया गया था। मंत्री ने शाखा प्रबंधक से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।
बैंक मैनेजर ने मांगा समय
ब्रांच मैनेजर उमेश कुमार सारस्वत ने कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा से कहा कि संबंधित दस्तावेज फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं और एक-दो दिन का समय दिया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि दस्तावेज ईमेल या हार्ड कॉपी के माध्यम से भेज दिए जाएंगे। इस पर कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक 71 लोगों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते, वे शाखा से नहीं जाएंगे।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और जांच में यह सामने लाया जाएगा कि इस कथित घोटाले में कौन-कौन शामिल है। शाखा प्रबंधक ने मीडिया के सामने कोई बयान देने से इनकार कर दिया।
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