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February 14, 2026
पुष्कर में वेद की गूंज: रजत जयंती समारोह में बाबा रामदेव और मंत्री सुरेश रावत की उपस्थिति वेद, संस्कृति और शिक्षा पर विमर्श: रजत जयंती समारोह में गूंजा सनातन संदेश
तीर्थराज पुष्कर स्थित ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ के तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह और वार्षिक शिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को भव्य आयोजन हुआ। राष्ट्रीय संत गोविंद देव गिरी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, जबकि राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत भी विशेष अतिथि रहे।
कोषाध्यक्ष अशोक कालानी के अनुसार बाबा रामदेव हेलीकॉप्टर से पुष्कर पहुंचे और लगभग चार घंटे तक विद्यापीठ में रहे। इस दौरान उन्होंने वेदपाठी बटुकों को योग क्रियाओं का अभ्यास करवाया और आशीर्वचन दिए। समारोह में वर्षभर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का संत गोविंद देव गिरी महाराज द्वारा सम्मान भी किया गया। मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पुष्कर के भौगोलिक और आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए विद्यापीठ को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। संत गोविंद देव गिरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि वेद अध्ययन का यह प्रकल्प कई चुनौतियों के बीच शुरू हुआ, लेकिन पुष्कर जैसा वेद उद्गम स्थल इसके लिए सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने पुष्कर को मंत्र सिद्धि की भूमि बताते हुए इसकी पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डाला। बाबा रामदेव ने अपने उद्बोधन में कहा, “वेद है तो सनातन है, सनातन है तो भारत है।” उन्होंने भारतीय शिक्षा पद्धति में वेदों को अधिक स्थान देने की आवश्यकता पर बल दिया और वेद धर्म के भविष्य को उज्ज्वल बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को भारतीय मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है। अपने एक अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि एक मुस्लिम युवक मुस्तफा वेद मंत्र गाते हुए बांसुरी बजा रहा था। बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन की जड़ें व्यापक हैं और भारत की सांस्कृतिक पहचान विविधता में एकता की प्रतीक है। इस अवसर पर सुरेश सिंह रावत ने कहा कि पुष्कर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अद्वितीय है तथा वेद विद्यापीठ जैसे संस्थान भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समारोह में 14 से अधिक वैदिक प्रस्तुतियों और छात्र सम्मान कार्यक्रम ने आयोजन को विशेष बना दिया।
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