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February 14, 2026
राजस्थान के जिला बीकानेर के उभरते बॉलीवुड सिंगर शहजाद अली अपनी गुलुकारी और फ़िल्म "धुरंधर" के गानों की वजह से बड़ी पहचान बना चुके है। इसी के तहत उन्होंने अब अजमेर शरीफ दरगाह में शुकराना चादर पेश कर ज़िंदगी मे क़ामयाबी की दुआ मांगी है। अपनी टीम के साथ उन्होंने हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि के दरबार मे सूफ़ियाना कलाम पेश कर हाजिरी भी दी है। जहा उन्हें दरगाह के ख़ादिम सैय्यद राहिब चिश्ती ने ज़ियारत कराई और दस्तारबन्दी कर दरबार का तबर्रुक दिया। शहजाद अली ने हालही में बॉलीवुड की दुनिया में एंट्री कर अपनी पहचान बनाई है और फ़िल्म धुरंधर में "मुझे कारवां की तलाश" जैसे गानों से अपने टेलेंट का बेहतरीन मुज़ाहिरा किया है। वैसे तो अली बुनियादी तौर पर राजस्थान के जिला बीकानेर के मकामी हैं और मौजूदा वक्त में मुंबई में रहते हैं। शहजाद अली ने बताया कि उनकी टीम सूफी म्यूजिक पर ज़्यादा तवज्जों देती है और ख्वाजा गरीब नवाज से बेहद अक़ीदत रखते है। अजमेर आना उनके लिए मदीना शरीफ की ज़ियारत का अहसास कराता है। अजमेर दरगाह की निस्बत से ही सारी दुनिया मे उन्हें घूमने का मौका मिला है जो ख्वाजा साहब का करम है और जो हमेशा बना रहे इसके लिए खुसूसी दुआ मांगी है। शहजाद अली ने बताया कि फ़िल्म "धुरंधर" में उन्हें गाना 'ना तो कारवा की तलाश है' पेश किया था। इसके अलावा उन्होंने और उनके भाई सुल्तान सुलेमानी ने फ़िल्म ' डॉक्टर जी, आश्रम,आर्टिकल 370, कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्में भी की है। फ़िल्म धुरंधर में उनके गानों के वायरल होने से अच्छी पहचान मिली है।
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